जरूरतमंदों को काम दिलाने के नाम पर ठगने के अलग-अलग हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर लड़कियों से फोन करवाए जा रहे हैं। ऐसे में अब खुद बैंकों ने आगाह किया है कि युवा इस प्रकार के फोन कॉल के झांसों में न आएं, फोन कॉल पर और पैसा लेकर नौकरी नहीं दी जाती है।
इनमें सूर्य प्रताप सिंह और दीपेंद्र वर्मा के मामले प्रमुख हैं। उन्होंने ऑनलाइन जॉब सर्च किया था। इसके बाद आरोही नाम की लड़की ने एचडीएफसी में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे संपर्क किया। इस दौरान कहा गया कि एचडीएफसी में नौकरी के लिए उनका इंटरव्यू फिक्स करवा दिया जाएगा, इसके लिए वे एक हजार रुपये चुकाएं।
उन्हाेंने यह पैसा पेटीएम के जरिये बताए गए अर्जुन कुमार के खाते में भेजा। इसके बाद उन्हें तीन हजार रुपये और देने व हजरतगंज के प्रणय टावर स्थित एचडीएफसी में प्रथम फ्लोर पर संपर्क करने के लिए कहा गया। इस पर सूर्य प्रताप ने पैसा वापस मांगा तो टाल दिया गया। इसके बाद करीब 20 दिन हो चुके हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्हाेंने इसकी शिकायत एचडीएफसी से की, लेकिन वहां से अभी कोई जवाब नहीं मिला।
...ऐसे दिखाएं समझदारी
इस बीच दीपक गुप्ता से भी ठगी की कोशिश हुई। उन्हें कोटक महिंद्रा बैंक लखनऊ में नौकरी दिलाने के नाम पर छह हजार रुपये मांगे गए। इसके लिए खुद को टाटा मोटर्स की एचआर अधिकारी बताते हुए निहारिका अरोरा ने उन्हेें फोन किया। शक होने पर दीपक ने टाटा मोटर्स से संपर्क किया।
पता चला कि यह ठगी का प्रयास है। खुद कोटक महिंद्रा ने भी सफाई जारी की, जिसमें बताया कि वह नौकरी के लिए किसी से पैसा नहीं लेता है। इस प्रकार सजगता से दीपक ठगने से बच गए।