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ई-वॉलेट कंपनी के संचालक करोड़ों रुपये ठगकर फरार, इन प्रतिष्ठानों के भुगतान की रकम हड़पी

Thu, 31 Oct 2019 01:22 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Thu, 31 Oct 2019 01:22 PM IST
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fraud by director of e-wallet company in lucknow
ई-वॉलेट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करके भागे जालसाज - फोटो : amar ujala

लखनऊ के हजरतगंज में प्लस कार्ड के नाम से ई-वॉलेट बनाने वाली ऑक्सडिस प्लस ट्रेड मार्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी जनता और व्यापारियों के करोड़ों रुपये हजम करके भाग गई। कंपनी पेटीएम की तर्ज पर अपने प्लस कार्ड ई-वॉलेट के जरिए शॉपिंग करने में भारी छूट का लालच देती थी। बालू अड्डा स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट में करीब सालभर से ऑफिस खोलकर कंपनी ने सिर्फ राजधानी में ही 2000 से अधिक व्यापारियों और 5000 से ज्यादा ग्राहकों को प्लस कार्ड बांटे थे। इंस्पेक्टर राधा रमण सिंह ने बताया कि लगभग 10 दिन पहले कंपनी की संचालिका सुबी अंसारी, उबैद चांद और अंकुश मिश्रा ऑफिस बंद करके भाग गए। इंस्पेक्टर ने बताया कि कंपनी की ट्रेनर समीक्षा अवस्थी व अन्य कर्मचारियों की तरफ से एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

fraud by director of e-wallet company in lucknow
ई-वॉलेट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करके भागे जालसाज - फोटो : amar ujala

इंस्पेक्टर ने बताया कि कंपनी का मास्टरमाइंड ठाकुरगंज के बालागंज स्थित हुसैनबाड़ी बरौरा निवासी उबैद चांद है। उसने अपनी दूसरी पत्नी सुबी अंसारी के नाम से प्लस कार्ड नाम से ई-वॉलेट बनाया था। पेटीएम की तरह उसका भी ई-वॉलेट गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। करीब डेढ़ साल पहले उसने बालू अड्डा स्थित अहमद मेंशन अपार्टमेंट में रिजवाना खान का फ्लैट किराये पर लेकर ऑफिस शुरू किया था। संचालकों ने लखनऊ समेत आसपास के जनपदों में कई व्यापारियों से संपर्क कर अपने ई-वॉलेट के जरिए शॉपिंग करने वालों को भारी छूट देने के लिए कंपनी से जोड़ा। इसके बदले व्यापारियों को भी कमीशन दिया जाता था।

fraud by director of e-wallet company in lucknow
ई-वॉलेट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करके भागे जालसाज - फोटो : amar ujala
पुलिस का मानना है कि एक साल में कंपनी ने 40 से 50 करोड़ रुपये के आसपास का व्यापार किया। कंपनी ने अगस्त-सितंबर में अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया। अक्तूबर में व्यापारियों को भुगतान भी रोक दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने वेतन और व्यापारियों ने भुगतान का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उबैद चांद ने सभी कर्मचारियों को 16 अक्तूबर को वेतन देने के लिए ऑफिस बुलाया और खुद लापता हो गया। कर्मचारियों का कहना है कि 17 अक्तूबर को कंपनी संचालक ऑफिस बंद करके भाग गए। बकौल समीक्षा, वह अन्य कर्मचारियों के साथ उबैद चांद के घर पहुंची तो पता चला कि दो दिन पहले ही वह जा चुका है। ठगों ने रिजवाना खान के फ्लैट के किराये के 45 हजार रुपये भी नहीं दिए। कई दिन भटकने के बाद पीड़ित कर्मचारी हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और सुबी अंसारी, उबैद चांद व अंकुश मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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ई-वॉलेट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करके भागे जालसाज - फोटो : amar ujala
इन कर्मचारियों का वेतन बाकी
प्रार्थना सिंह : दो लाख रुपये
रवि शंकर : 13 हजार रुपये
मान सिंह : 50 हजार रुपये
सन्दीप सिंह : 16 हजार रुपये
समीक्षा अवस्थी : 50 हजार रुपये
रंजीत शुक्ला : 45 हजार रुपये

इन प्रतिष्ठानों के भुगतान की रकम हड़पी
फैमिली बाजार, गोमतीनगर-19 लाख रुपये
अजय सोनी की श्री साईं बिजनेस-75 हजार रुपये
आरिज अब्बास की एटूजेड मोबाइल शॉप - 2.20 लाख रुपये
गौरी बाजार स्थित एसजी होम अप्लायंसेस- दो लाख रुपये
मां वैष्णो मोबाइल स्टोर - 207200 रुपये
मदन सिंह की सिंह गिफ्ट सेंटर : 196203 रुपये
राज मोबाइल शॉप : 130000 रुपये
आरबी सिंह मोबाइल शॉप : 60 हजार रुपये
रमेश इंटरप्राइजेज : 31291 रुपये
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ई-वॉलेट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करके भागे जालसाज - फोटो : amar ujala
‘देश गॉट टैलेंट’ इवेंट कराने के नाम पर करोड़ों डकारे
ठग कंपनी ने इवेंट कराने के नाम पर भी स्पांसरशिप के करोड़ों रुपये डकार लिए। कंपनी ने ‘देश गॉट टैलेंट’ नाम से सिंगिंग, डांसिंग और क्रिकेट प्रतियोगिता कराने की रूपरेखा बनाई। इवेंट से मिलने वाली राशि को गरीब बच्चों की मदद के लिए खर्च करने के नाम पर कई कंपनियों से करोड़ों रुपये की स्पॉन्सरशिप ली। 15 अक्तूबर को लखनऊ के कैसरबाग स्थित नारी नाट्य कला केंद्र में सिंगिंग व डांसिंग प्रतियोगिता का ऑडीशन रखा गया था जिसकी रजिस्ट्रेशन की फीस 350 रुपये तय की गई जबकि 28 अक्तूबर से क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू होनी थी जिसके लिए प्रति टीम 2800 रुपये लिए जा रहे थे। सिंगिंग व डांस प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार 40 हजार नकद और दूसरा व तीसरा पुरस्कार बीस हजार व दस हजार रुपये नकद था। इस प्रतियोगिता का ग्रांड फिनाले 17 नवंबर को होना बताया गया था। क्रिकेट प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार 50 हजार रुपये नकद व दूसरा पुरस्कार 2500 हजार नकद देने की बात थी। हालांकि, स्पांसरशिप के रुपये मिलते ही 16 अक्तूबर को ठग कंपनी बंद करके भाग निकले।
 
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