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यूपी के कई जिलों में बाढ़ से भयावह हालात, सैकड़ों गांवों में तबाही, तस्वीरें

Mon, 14 Aug 2017 02:36 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 14 Aug 2017 02:36 AM IST
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flood becomes disastrous in districts in Uttar Pradesh.

यूपी के अवध क्षेत्र में बाढ़ से हालात काफी भयावह हो गए हैं। रविवार भोर श्रावस्ती जिले में राप्ती की बाढ़ से बहराइच-भिनगा को जोड़ने वाला फोरलेन पुल का 25 मीटर हिस्सा बह गया। बाढ़ का पानी सीएचसी, एसएसबी बटालियन मुख्यालय में चार फुट तक भर गया। वहीं बाराबंकी, सीतापुर, गोंडा, बहराइच व फैजाबाद में उफनाई नदियां तबाही मचा रही हैं।



श्रावस्ती जिले में उफनाई राप्ती रविवार भोर फोरलेन स्थित बहराइच-भिनगा के बीच लक्ष्मननगर पुल का करीब 25 मीटर हिस्सा बहा ले गई। पुल का पिलर भी धंस गया। इससे पुल का कुछ हिस्सा लटका हुआ है। पुल क्षतिग्रस्त होने से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है।

जमुनहा तहसील व सीएचसी में चार फीट तक पानी भरा हुआ है। एसएसबी बटालियन मुख्यालय में भी बाढ़ का पानी घुस गया। यहां एनडीआरएफ व फ्लड पीएसी राहत कार्य में जुटी हुई है। रविवार को राप्ती नदी खतरे के निशान से 60 सेमी. ऊपर बह रही थी।

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बहराइच में बाढ़ से हालात काफी खराब हो गए हैं। जिले के 425 गांवों में सैलाब तबाही मचा रहा है। मिहींपुरवा में बाढ़ से बचने के लिए लोगों ने पेड़ पर शरण ले रखी है। एनडीआरएफ ने पेड़ों पर चढ़े कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। नवाबगंज में भी मुख्य सड़क धंसने से यातायात ठप हो गया है। गांवों में लगभग चार फीट तक पानी घुस गया है।

बलहा, शिवपुर और महसी में भी बाढ़ से त्राहि-त्राहि मची हुई है। एनडीआरएफ जवान बचाव कार्य में लगे हैं। जिले के सभी तीन बैराजों और दो महत्वपूर्ण पुलों पर घाघरा और सरयू खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बोधवा-इमामगंज नानपारा मार्ग कटने से गांवों के लोगों का संपर्क टूट गया है। (बहराइच के नानपारा में कटी सड़क पर रास्ता पार करते ग्रामीण।)

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बाराबंकी के टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम सिकरी जीवल निवासी लवकुश की अलीनगर रानीमऊ तटबंध के किनारे डूबने से मौत हो गई। वहीं जिले में करीब 120 गांव प्रभावित हैं। नदी खतरे के निशान से 62 सेमी. ऊपर बह रही है। लोग एल्गिन-चरसड़ी तटबंध या फिर अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर परिवार के साथ बसे हुए हैं। (बाराबंकी के कचनापुर गांव में बह गई रोड में संभलकर निकलते बच्चे।)

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गोंडा में रविवार को घाघरा का पानी 33 और गांवों में घुस गया। बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 500 के पार हो गई है। एल्गिन-चरसडी बांध को दो स्थानों पर काट देने के बाद करनैलगंज इलाके के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। घाघरा का पानी कटे बांध के जरिये सरयू में आने लगा है।

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सीतापुर में नदी की कटान से 132 बीघा जमीन बह गई। उधर, फैजाबाद में उफनाई सरयू का पानी रुदौली तहसील, सदर क्षेत्र व सोहावल के 22 गांवों में भर गया है। जिले में नदी लाल निशान से 55 सेंमी ऊपर बह रही है। (सीतापुर के राजपुर कला मार्ग पर पानी में चल रहा तांगा।)

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