यूपी में सोमवार से बजट सत्र का आगाज हो गया। सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अभिभाषण से हुई। अभिभाषण के दौरान सपा विधायक नारेबाजी करते रहे। इस दौरान सपाई किसानों को सस्ती बिजली देने, विपक्ष के लोगों पर झूठे मुकदमे न लगाने, शिक्षा और सिंचाई सस्ती करने की मांग लिखी तख्तियां लिए हुए नजर आए।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पहले दिन सदन में पहुंचे और सपा नेताओं से मुलाकात की। उनकी मौजूदगी से सपा कार्यकर्ता जोश में नजर आए। नारेबाजी के दौरान शिवपाल सिंह यादव शांत रहे और विरोध में शामिल नहीं हुए। वहीं, आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम भी नारेबाजी में शामिल नहीं हुए और अपनी सीट पर बैठे नजर आए। वह जेल में होने के कारण विधायक पद की शपथ नहीं ले पाए थे। उन्हें सोमवार सुबह ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शपथ दिलाई।
सदन में सपा नेताओं की लाल टोपी के विरोध में भाजपा विधायक भगवा टोपी में नजर आए। योगी सरकार 26 मई को यूपी का बजट पेश करेगी जिसके करीब छह लाख करोड़ रुपये का होने की उम्मीद है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बजट में किसान, महिला और युवाओं पर फोकस हो सकता है।
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा नेता नारेबाजी करते रहे लेकिन राज्यपाल ने अपना पूरा भाषण पढ़ा। सपाइयों ने कहा कि भाजपा राज में कानून व्यवस्था खराब है। बिजली संकट बढ़ता जा रहा है।
सपा नेता शिवपाल सिंह यादव सपाइयों के साथ नजर जरूर आए पर विरोध में शामिल नहीं हुए। वो अपनी सीट के नजदीक खड़े रहे। शिवपाल सिंह यादव, अखिलेश यादव से नाराज बताए जा रहे हैं। उनके भाजपा में भी शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे।
अब्दुल्ला आजम सदन की कार्यवाही के दौरान उपस्थित रहे पर शांत होकर अपनी सीट पर बैठे रहे।
बजट सत्र के पहले दिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पूरी कार्यवाही के दौरान मौजूद रहे और सपा नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने सपा विधायकों से जनता से जुड़े मुद्दे उठाने की अपील की थी।