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अंग्रेजों के जमाने के ट्रैक और स्टेशन अब नजर आते हैं ऐसे, तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 23 May 2018 04:29 PM IST
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लखनऊ सिटी स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
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अंग्रेजों के जमाने के ट्रैक व स्टेशन अब नहीं रहे। 130 साल पुराना रेलखंड, कभी यहां मीटरगेज पर दौड़ती थीं ट्रेनें... अब ऐसा है। आगे की स्लाइड पर क्लिक कर देखें तस्वीरें।
ऐशबाग रेलवे स्टेशन (पहले की तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
ऐशबाग-सीतापुर रेलखंड करीब 130 साल पुराना है। अंग्रेजी हुकूमत के दौरान ऐशबाग, सिटी व डालीगंज रूट के प्रमुख स्टेशन रहे। इस रूट पर मीटरगेज की ट्रेनें चलती थीं। अब यह रूट ब्रॉडगेज हो गया है। 85 पुलों की मरम्मत भी कराई गई है। स्टेशन नए कलेवर में दिखने लगे हैं। खूबसूरत और सुविधाओं के लिहाज से बेहतर। ट्रेनों के संचालन के लिए ट्रायल भी चल रहा है।
ऐशबाग स्टेशन (अब की तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
ऐशबाग स्टेशन
खूबसूरत म्यूरल लगाया गया है। सेकंड एंट्री बनाई गई है। यहां एस्केलेटर, लिफ्ट, सेंट्रलाइज्ड फुटओवर, एटीवीएम, वाटर वेंडिंग मशीन, एसी लाउंज, वेटिंग रूम भी होगा जो यात्रियों को सुखद एहसास कराएंगे।
खूबसूरत म्यूरल लगाया गया है। सेकंड एंट्री बनाई गई है। यहां एस्केलेटर, लिफ्ट, सेंट्रलाइज्ड फुटओवर, एटीवीएम, वाटर वेंडिंग मशीन, एसी लाउंज, वेटिंग रूम भी होगा जो यात्रियों को सुखद एहसास कराएंगे।
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सिटी स्टेशन (पहले और अब की तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
सिटी स्टेशन
स्टेशन की खूबसूरती बढ़ाने के लिए पेंटिंग का इस्तेमाल किया गया है। यहां भी सेकंड एंट्री बनाई गई है। साथ ही एटीवीएम, वाटर वेंडिंग मशीन, एस्केलेटर, वेटिंग रूम, पिक एंड ड्रॉप सिस्टम की व्यवस्था होगी।
स्टेशन की खूबसूरती बढ़ाने के लिए पेंटिंग का इस्तेमाल किया गया है। यहां भी सेकंड एंट्री बनाई गई है। साथ ही एटीवीएम, वाटर वेंडिंग मशीन, एस्केलेटर, वेटिंग रूम, पिक एंड ड्रॉप सिस्टम की व्यवस्था होगी।
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डालीगंज स्टेशन( पहले और अब की तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
डालीगंज स्टेशन
यहां भी सेकंड एंट्री की व्यवस्था की गई है। खूबसूरती के लिए पेंटिंग का इस्तेमाल किया गया है। डालीगंज रेलवे स्टेशन पर कैब वे, पाथ वे, फुटओवर ब्रिज सहित सेंट्रल पैनल टोकनलेस सिस्टम लगेगा।
यहां भी सेकंड एंट्री की व्यवस्था की गई है। खूबसूरती के लिए पेंटिंग का इस्तेमाल किया गया है। डालीगंज रेलवे स्टेशन पर कैब वे, पाथ वे, फुटओवर ब्रिज सहित सेंट्रल पैनल टोकनलेस सिस्टम लगेगा।