अखबार महज देश-दुनिया और आसपास की खबरों की जानकारी का ही जरिया नहीं होता, बल्कि यह एक ऐसा दस्तावेज है जिससे आने वाली पीढ़ियों को बहुत कुछ जानने का मौका भी मिलता है। कुछ ऐसी ही दुर्लभ और ऐतिहासिक घटनाओं की खबरों वाले समाचारपत्रों की प्रदर्शनी इन दिनों मदनमोहन मालवीय मार्ग पर स्थित कोकोरो आर्ट गैलरी में लगी है। इस प्रदर्शनी में 124 साल पुराने अखबारों को भी प्रदर्शित किया गया है।
यह प्रदर्शनी एक सदी की बोलती कहानियों का संग्रह है जिसे नाम दिया गया है दस्तावेज। इसे देखने के लिए बड़ी तादाद में छात्र-छात्राएं और अन्य लोग आ रहे हैं।
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समाचार पत्रों की प्रदर्शनी।
- फोटो : amar ujala
इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया का निधन 22 जनवरी 1901 को हुआ था जिसे वहां के सभी बड़े समाचारपत्रों ने पहले पेज पर उनकी फोटो के साथ प्रकाशित किया था। यह अहम दस्तावेज इस प्रदर्शनी में मौजूद है।
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समाचार पत्रों की प्रदर्शनी।
- फोटो : amar ujala
अप्रैल 1912 में समुद्र में टाइटैनिक जहाज के डूबने की खबर वाला अखबार यहां आने वाले दर्शक बड़ी रोचकता के साथ पढ़ रहे हैं जिसमें 1302 लोगों के डूबने और 868 यात्रियों को बचाने की खबर प्रकाशित की गई थी। इसमें एक खबर को बड़ी रोचकता के साथ लिखा गया है कि कैसे बुजुर्ग यात्रियों ने अपनी सेफ्टी बोट्स को युवाओं को दे दिया ताकि वे बच सकें।
पहली बार अटलांटिक पार करने वाले जहाज की खबर हो या फिर न्यूयार्क टाइम्स में प्रकाशित भोपाल गैस त्रासदी की खबर या फिर चांद पर पहली बार नील आर्मस्ट्रांग के पहुंचने जैसी खबरों वाले अखबार प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।
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समाचार पत्रों की प्रदर्शनी।
- फोटो : amar ujala
स्टेटमैन अखबार में प्रकाशित भारत की आजादी का समाचार और महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्याओं की खबरों वाले अखबार भी यहां हैं।
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समाचार पत्रों की प्रदर्शनी।
- फोटो : amar ujala
बॉम्ब अटैक ऑन नागासाकी, गुड रिजल्ट्स रिपोर्टेड : हिरोशिमा
नागासाकी में परमाणु बम गिराए जाने की खबर वाले अखबार में लिखा गया है कि बॉम्ब अटैक ऑन नागासाकी, गुड रिजल्ट्स रिपोर्टेड। सुबूर उस्मानी कहते हैं कि यह बताता है कि उस दिन इतनी विनाशकारी घटना को भी पूरी दुनिया सकारात्मक तरीके से देख रही थी कि चलो, अब द्वितीय विश्व युद्ध खत्म हो जाएगा। ऐसे ही मशहूर वैज्ञानिक थॉमस एडिसन ने जिस रोज अपने रिटायरमेंट पर अपनी संपत्ति की घोषणा की तो उसे अखबार ने प्रमुखता के साथ छापा था जिसकी कीमत उस समय 50 करोड़ डॉलर आंकी गई थी।
जब तलाकशुदा से शादी करने के लिए प्रिंस एडवर्ड ने अपना राजपाठ छोड़ा : इंग्लैंड के प्रिंस एडवर्ड अष्टम ने वालिस सिम्पसन नाम की एक तलाकशुदा महिला से शादी करने के लिए अपनी राजगद्दी छोड़ दी थी। 1936 में हुई इंग्लैंड की इस बड़ी घटना को वहां के अखबार ने कई फोटो समेत प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था जिसकी प्रति भी इस प्रदर्शनी में लगी है।