गुजरात और दक्षिण भारत में आए ओखी चक्रवाती तूफान के असर ने लखनऊ में भी दस्तक दी है। मंगलवार सुबह से ही जारी बादलों की लुकाछिपी दिनभर रही तो धूप संग आंख-मिचौनी करते बादलों ने दिसंबर में सावन-भादों सा अहसास कराया। आते-जाते बादलों को देख लोग कयास लगाते ही रहे कि बादल देर-सबेर बूंदाबांदी बौछारों से तर-बतर कर भिगोने की तैयारी में है।
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सेल्फी लेती युवतियां
- फोटो : amarujala
लेकिन हवा के इक्के-दुक्के झोंके बादलों की आवाजाही लगाते रहे और धूप की लुकाछिपी कराते रहे। बादलों के चलते दिन का न्यूनतम पारा महज 24 घंटों में ही 8.5 से छलांग लगाकर 14 डिग्री के करीब तक जा पहुंचा।
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सेल्फी लेती युवतियां
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बादलों के छाये रहने के चलते दिन का न्यूनतम पारा तेजी से चढ़ा। ये 24 घंटों में 5.4 डिग्री की छलांग लगाते हुये 13.9 रिकॉर्ड किया गया। जो कि सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। जबकि अधिकतम पारा सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम 25.6 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम पारे में लगातार चौथे दिन 6.3 डिग्री की बढ़त दर्ज की गई।
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सेल्फी लेती युवतियां
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बादलों के रहने से गर्म कपड़ों में लदे हाल या कमरों में बैठे लोगों को उलझन भी रही। इन सबके बीच खुशनुमा बने मौसम का शहरियों ने लुत्फ उठाया। सावन-भादों से नजारे के बीच दोपहर में दफ्तरों के बाहर लगने वाले जमघट और गुलजार रहे। जबकि दोपहर में ही शाम से नजारे के बीच सड़कों पर हेडलाइट जलाकर चल रहे वाहनों ने आसमान में छाये बादलों से मौसमी करवट का अहसास करवाया।
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.युवतियां
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आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानियों के मुताबिक ओखी चक्रवात केचलते जो बादल अरब सागर की खाड़ियों में थे, वो वायुमंडल में हुये उठापटक के बाद प्रदेश पर छा गये। लखनऊ समेत आसपास के इलाकों में भी दिन भर आवाजाही लगी रही। जिससे धूप कमजोर होने से दिन में ठंड का अहसास रहा। लेकिन न्यूनतम पारा चढ़ा।