तेजस एक्सप्रेस के उतरते ही डबलडेकर की बदहाली की कहानी शुरू हो गई। डबलडेकर न तो लखनऊ से जयपुर के लिए चल पाई, न ही सीतापुर रूट के रास्ते दौड़ाने की फाइलों में तेजी आई। डबलडेकर का रैक पहले ऐशबाग कोचिंग डिपो में खड़ा था, जिसे वहां से शिफ्ट कर डालीगंज स्टेशन पर खड़ा करवा दिया गया है। ढाई साल बाद भी डबलडेकर पटरी पर नहीं लौट सकी है। हालांकि, रेलवे अधिकारी बोर्ड की अनुमति के इंतजार में हैं।
लापरवाही: तेजस एक्सप्रेस के पटरी पर आते ही डिरेल हो गई डबल डेकर एक्सप्रेस, ढाई साल से बेकार खड़ी है ट्रेन
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डबलडेकर चली तो तेजस को नहीं मिलेंगे यात्री
दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल ने बताया कि लखनऊ से दिल्ली के बीच गोमती एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस व शताब्दी एक्सप्रेस चेयरकार ट्रेनें हैं। डबलडेकर भी एसी चेयरकार है। ऐसे में तेजस एक्सप्रेस की सफलता ही अन्य चेयरकार ट्रेनों की विफलता पर निर्भर है। कैटरिंग बेतहाशा महंगी कर शताब्दी को फ्लॉप करने पर अधिकारी तुले हैं। फिर तेजस के फेल होने से निजी ट्रेनों के चलाने में भी अड़ंगे लगेंगे। चूंकि डबलडेकर की टाइमिंग सुबह पांच बजे की है, जबकि तेजस छह बजे चलती है। ऐसे में अगर डबलडेकर चला दी गई तो तेजस को यात्री नहीं मिलेंगे।
तेजस, शताब्दी से सस्ती थी डबलडेकर
शताब्दी एक्सप्रेस में डायनेमिक फेयर सिस्टम लागू है, जिससे चेयरकार का सामान्य टिकट 1400 रुपये तथा एग्जीक्यूटिव का 2400 रुपये तक रहता है। वहीं, तेजस एक्सप्रेस कारपोरेट ट्रेन होने के कारण महंगी है। इसका बेस फेयर ही हाई रहता है, जिसका टिकट शताब्दी से अमूमन महंगा रहता है। लेकिन डबलडेकर एक्सप्रेस से यात्रियों को सस्ता सफर मिलता था। पांच से छह सौ रुपये में यात्रियों को टिकट मिल जाता था। लेकिन अब चेयरकार से दिल्ली जाने वाले महंगे टिकट लेने को मजबूर हो रहे हैं।
दिल्ली की चेयरकार ट्रेनें
श्रेणी डबलडेकर शताब्दी तेजस
टाइमिंग 8 घंटे 6.45 घंटे 6.15 घंटे
स्टॉपेज 3 स्टेशनों पर 5 स्टेशनों पर 2 स्टेशनों पर
किराया 510 रुपये 1,315 रुपये 1,475 रुपये
संचालन शुक्र व रवि रोजाना शुक्र से सोमवार तक
कैटरिंग - 275 रुपये -
(नोट: तेजस व शताब्दी के चेयरकार का शुक्रवार का किराया है।)
पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री का कहना है कि काफी समय से बंद डबलडेकर एक्सप्रेस को चलाने के लिए बोर्ड से अनुमति का इंतजार है। पहले कोहरे, फिर कोविड की वजह से ट्रेन का संचालन बंद करना पड़ा था। अनुमति मिलते ही ट्रेन पटरी पर लौट आएगी।’