एससी-एसटी एक्ट के बहाने ही सही, हिंदी पट्टी के राज्यों में दलितों का मुखर होना एक सियासी संदेश भी है। केंद्र सरकार ने एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सोमवार को रिव्यू पिटीशन दाखिल कर दिया, फिर भी गुस्सा उसी के खिलाफ फूटा। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के सामने दलितों को साधने की चुनौती बढ़ गई है।
दलितों के मुखर होने से 2019 के लिए भाजपा की चुनौती बढ़ी, आंदोलन में सपा-बसपा दोस्ती का असर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 03 Apr 2018 09:19 AM IST
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