डीजे बंद करवाने गए पुलिस वालों की घर मे खींचकर की थी कुल्हाड़ी और चाकू से हत्या
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मुकुल द्विवेदी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, जिला मथुरा
संतोष कुमार यादव, सब इंस्पेक्टर जिला मथुरा
दो जून 2016 को हुआ जवाहरबाग कांड काफी चर्चित रहा। रामवृक्ष यादव ने अपनी मांगों को लेकर जवाहरबाग में कब्जा कर लिया था। 288 एकड़ जमीन पर झोपड़ी व टेंट लगाकर लोग रहने लगे। उद्यान विभाग के कार्यालय, आवासीय भवनों पर भी रामवृक्ष के समर्थकों ने कब्जा कर लिया था। इस जगह को खाली कराने के लिए शाम करीब पांच बजे एएसपी मुकुल द्विवेदी एवं थानाध्यक्ष संतोष यादव पुलिस बल के साथ पहुंचे। उपद्रवियों ने महिलाओं को लाठी-डंडे के साथ आगे कर दिया। पुरुषों ने असलहे लेकर पीछे से मोर्चा लिया। पुलिस 20-25 मीटर अंदर घुसकर भीड़ को समझाने का प्रयास कर रही थी। इसी बीच रामवृक्ष और उसके साथियों ने पुलिस बल पर हमला बोल दिया। हमले में मुकुल व संतोष गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इनकी मृत्यु हो गई।
सत्य प्रकाश सरोज, कांस्टेबल, जिला फैजाबाद
फैजाबाद के थाना इनायतनगर में तैनात कांस्टेबल सत्य प्रकाश सरोज को 22 जून 2016 को मलेथू बुजुर्ग के घने जंगलों में पशु तस्करी की सूचना मिली। इस पर वे सीधे जंगल में पहुंच गए। पशु तस्करों की संख्या 10 से अधिक थी। इसके बावजूद उन्होंने तस्करों को ललकारा। पशु तस्करों ने पुलिस पर हमला कर दिया। कांस्टेबल सत्यप्रकाश ने जान की परवाह किए बगैर तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया। मुठभेड़ में बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। वह लहूलुहान हो गए। बाद में उनके साथी उन्हें अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान सत्य प्रकाश 25 जून को चल बसे।
25 अप्रैल 2016 को सब इंस्पेक्टर अख्तर खान को सूचना मिली कि कुछ वांटेड अपराधी मोहल्ला नई आबादी कस्बा व थाना दादरी में छिपे हैं। अख्तर खान ने वांटेड अभियुक्त जावेद पुत्र वारसी के मकान पर दबिश दी। मौके पर से फुरकान, गुलफाम उर्फ तोता, औरंगजेब व दो-तीन अन्य बदमाश मिले। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान सब इंस्पेक्टर अख्तर खान के गर्दन पर एक गोली लगी। अख्तर वहीं गिर पड़े। उन्हें राजकीय चिकित्सालय दादरी ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भीमसेन व सहीम खां, कांस्टेबल, जिला बदायूं
बदायूं के थाना बिल्सी में 17 फरवरी 2016 को कांस्टेबल भीमसेन व सहीम खां गश्त पर निकले थे। इस बीच ग्राम गढ़ौली के जगतपाल मौर्या द्वारा तेज आवाज में डीजे बजानेे की शिकायत मिली। उस समय यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही थीं। पुलिस कर्मियों ने डीजे बंद करने को कहा तो जगतपाल एवं उसके परिवारीजन भड़क गए। दोनों कांस्टेबल को अंदर खींच ले गए और डंडों, कुल्हाड़ी, फावड़ा व चाकू से हमला कर दिया। पूर्व प्रधान कृष्ण ने थानाध्यक्ष बिल्सी नरेन्द्र यादव को सूचना दी। थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तो जगतपाल की आंगन में दोनों कांस्टेबल घायल पड़े थे। उन्हें तत्काल राममूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज बरेली पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मृत्यु हो गई।