सफाई के मामले में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी उत्तर रेलवे रैंकिंग में ‘फेल’ रहा।
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चारबाग रेलवे स्टेशन पर गंदगी से बजबजा रहा ट्रैक
- फोटो : amar ujala
यात्रियों को भले ही अत्याधुनिक एस्केलेटरों, सब-वे व अंडरग्राउण्ड पार्किंग से युक्त चारबाग रेलवे स्टेशन की सुनहरी तस्वीर दिखाई जा रही हो। मगर हकीकत इससे इतर है। देश के दस सबसे गंदे रेलवे स्टेशनों में चारबाग नौवें पायदान पर है।
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ट्रैक पर पड़ी गंदगी
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ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों ने रेलवे वीकली रिपार्ट में देश के 65 ए-1 श्रेणी के स्टेशनों की रैंकिंग की है। यह सर्वे 11 से 16 मई तक चला, जो यात्रियों के फीडबैक पर आधारित है। इसके लिए इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम (आईवीआरएस) का इस्तेमाल किया गया। इस रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर सेंट्रल सबसे गंदा है।
इसके बाद पटना, कल्याण मुम्बई, बनारस, चंडीगढ़ के नाम भी शामिल हैं। बता दें कि इससे पूर्व भी रैंकिंग में चारबाग फिसड्डी रहा था। चारबाग स्टेशन की रैंकिंग वर्ष 2016 में जहां 43वीं थी। वहीं 2017 में यह 57 नम्बर पर पहुंच गई थी। पर, हालिया रिपोर्ट साप्ताहिक है।
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ट्रैक पर पड़ी गंदगी
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चारबाग रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का ए-1 श्रेणी का स्टेशन है। जहां 285 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है और सवा लाख से अधिक यात्रियों का आना-जाना है। मगर स्वच्छ भारत अभियान को उत्तर रेलवे के अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। रेलमंत्री पीयूष गोयल स्वच्छ भारत की तर्ज पर स्वच्छ रेल अभियान चला रहे हैं। स्वच्छता सप्ताह मनाए जा रहे हैं। वहीं चारबाग स्टेशन सफाई में पिछड़ता जा रहा है।