केंद्रीय कानून एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुस्लिम समाज में तीन तलाक की व्यवस्था को कुप्रथा करार दिया है। उन्होंने कहा कि 20 से अधिक मुस्लिम देशों में इसे खत्म या नियंत्रित कर दिया गया है, फिर भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में ऐसा करना शरिया के खिलाफ कैसे बताया जा सकता है।
रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को यहां योजना भवन में संवाददाताओं से बातचीत में ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर कहा कि मुस्लिम समुदाय की ही कुछ महिलाएं इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई थीं। हम मानते हैं कि तीन तलाक की व्यवस्था न्याय और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है।
कुछ लोग इसे आस्था का सवाल कहते हैं, लेकिन कुप्रथा आस्था का पर्याय नहीं बन सकती। हमारी सरकार लैंगिक न्याय के लिए कटिबद्ध है। हमने अपना यही पक्ष सुप्रीम कोर्ट में भी रखा है।
विपक्षी दलों के नेताओं पर साधा निशाना
कानून मंत्री ने नोटबंदी के फैसले का विरोध कर रहे विपक्षी दलों के नेताओं पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार स्वच्छ भारत, स्वच्छ गंगा और स्वच्छ अर्थव्यवस्था के लिए कृतसंकल्प है। हमने सत्ता में आते ही काले धन पर नियंत्रण के लिए एसआईटी बनाई। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट लाए। लोगों से टैक्स जमा करवाया और अब 500 व 1000 के नोट बंद किए।
समझ में नहीं आ रहा कि इससे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, बसपा अध्यक्ष मायावती, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को दिक्कत क्यों हो रही है, जबकि इस फैसले का आम लोगों ने जबर्दस्त स्वागत किया है।