बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह ने मायावती के बारे में बेहद शर्मनाक बयान दिया है। उन्होंने अपने बयान में मायावती की तुलना ‘वेश्या’ से की है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब नेताओं ने महिलाओं के बारे में विवादित बयान दिए है। यहां देखें कुछ ऐसे ही मामले...
हाल ही में स्मृति ईरानी को कपड़ा मंत्रालय मिलने के बाद जदयू नेता और राज्यसभा सांसद अनवर अली ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, स्मृति ईरानी को कपड़ा मंत्रालय दिया गया है। ये बुरा मंत्रालय नहीं, खराब मंत्रालय नहीं है। स्मृति को तन ढंकने वाला मंत्रालय दिया गया है। अनवर अली के इस बयान के बाद उनकी जबरदस्त आलोचना हुई थी।
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Sharad Yadav
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मार्च 2015 में जदयू नेता शरद यादव ने दक्षिण भारतीय महिलाओं के बारे में एक बयान दिया था जिस पर काफी विवाद हुआ था। उन्होंने राज्यसभा में बीमा विधेयक के दौरान कहा था कि दक्षिण भारत की महिलाओं का शरीर भी उतना ही सुंदर होता है जितनी वह सुंदर होती हैं। वे हमारे क्षेत्र में सुंदर नहीं मानी जाती जबकि उन्हें नाचना भी आता है।ये बयान देने के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी लेकिन शरद यादव ने अपनी गलती नहीं मानी बल्कि कहा कि वह महिलाओं की तारीफ कर रहे थे।
यूपी में मुरादाबाद में एक रैली के दौरान सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बयान पर भी काफी बवाल हुआ था। उन्होंने कहा था, जब लड़के और लड़कियों में कोई विवाद होता है तो लड़की बयान देती है कि लड़के ने मेरा बलात्कार किया। इसके बाद बेचारे लड़के को फांसी की सज़ा सुना दी जाती है। बलात्कार के लिए फांसी की सज़ा अनुचित है। उन्होंने कहा, लड़के हैं गलती हो ही जाती है।
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साक्षी महाराज
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भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने मेरठ में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि हिंदुत्व की रक्षा के लिए हर महिला को कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए।