श्मशान स्थलों पर शवों के पहुंचने का आंकड़ा कम नहीं हो रहा। शुक्रवार शाम सात बजे तक शहर के दो प्रमुख अंतिम संस्कार के स्थलों पर 293 शव पहुंचे। अभी तक सामान्य शवों के मुकाबले संक्रमित शव कम रहते थे, लेकिन शुक्रवार को इनकी तादाद सामान्य शवों से 20 फीसदी ज्यादा रही। राजधानी में आसपास के शहरों से भी आने वाले शव यह आंकड़ा बढ़ा रहे हैं।
शहर के दो प्रमुख अंतिम संस्कार स्थलों बैकुंठधाम और गुलालाघाट पर शुक्रवार शाम सात बजे तक लाए गए 293 शवों में 170 शव कोरोना संक्रमित माने जा रहे हैं, जबकि 123 सामान्य हैं। पिछले एक सप्ताह में यह पहला मौका है जब संक्रमित शवों का आंकड़ा अचानक सामान्य शवों से बढ़ गया। अभी तक सामान्य शवों की संख्या करीब 60 फीसदी व संक्रमित की 40 फीसदी के करीब रहती थी। शुक्रवार को यह आंकड़ा उलट गया।
शवों की बढ़ती तादाद से बैकुंठधाम के दाएं व बाएं दोनों ओर नदी तट पर उन जगहों पर भी चिताएं जल रही हैं, जहां पहले कभी अंतिम संस्कार नहीं किया गया। शवों के आने का सिलसिला देर रात तक चलता है। बैकुंठधाम के एक ओर गोमती बैराज पुल व दूसरी ओर निशातगंज व सामने प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन वाली सड़क है। यहां से गुजरने वालों को चिताओं की कतारें डरा रही है।
टोकन समाप्त हुआ पर संख्या नहीं
अंतिम संस्कार के लिए घर वालों को अधिक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए नगर निगम ने अतिरिक्त स्थल बनाए हैं। इंतजार का समय घटने से अब टोकन सिस्टम भी अब नहीं है। गाड़ियों को अंतिम संस्कार स्थल तक ले जाने के लिए सड़क भी बनवाई गई है।
दवा और फलों का वितरण
गुलाला घाट पर शवों का अंतिम संस्कार कराने में लगे सफाई व लकड़ी ठेकी वाले कर्मचारियों को गुलाला घाट स्मारक समिति के अध्यक्ष हरीश चंद्र अग्रवाल और मंत्री रिद्धि किशोर गौड़ ने नियमित रूप से फल और दवाओं का वितरण करने का संकल्प लिया है। शुक्रवार को कर्मचारियों को विटामिन सी, जिंक, पैरासिटामॉल, ग्लूकॉन डी के साथ फलों का वितरण शुरू किया गया है। ऐसा आगे भी करते रहेंगे।