बलरामपुर के कोतवाली देहात क्षेत्र के झौंहना पूरे गोसाईंपुरवा गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की गुत्थी दूसरे दिन नए मोड़ पर पहुंच गई। मृतक बजरंग गिरी के बड़े भाई राजेश गिरी ने पुलिस को तहरीर देकर 29 लाख रुपये के लेनदेन को इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य वजह बताया है। पुलिस ने आरोपी को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के अनुसार, मृतक बजरंग के मोबाइल में एक वीडियो मिला है, जिससे यह खुलासा हुआ कि उन्होंने ललिया क्षेत्र के लालपुर निवासी चंद्रभान गिरी उर्फ दद्दन गिरी को लगभग 29 लाख रुपये उधार दिए थे। यह रकम एक अन्य व्यक्ति की गारंटी पर दी गई थी।
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बलरामपुर के गोसाईंपुरवा गांव में मृतकों के घर जुटी लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गारंटर ने बाद में अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी, लेकिन मूल उधार लेने वाले ने कई बार मांगने के बावजूद रुपये वापस नहीं किए। लगातार रकम न मिलने से बजरंग गिरी मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे।
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बलरामपुर के गोसाईंपुरवा गांव में तैनात पुलिसफोर्स
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी तनाव के चलते 31 जुलाई की देरशाम बजरंग गिरी ने पत्नी कोमल (25), तीन वर्षीय पुत्री श्रद्धा और करीब एक वर्षीय पुत्र जयदीप की हत्या करने के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
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बजरंगी गिरी के परिवार की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना के दूसरे दिन बड़े भाई राजेश गिरी ने कोतवाली देहात में दी गई तहरीर में बताया कि उन्हें सूचना छोटे भाई राम गिरी ने दी थी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने तीन अवैध तमंचे और पांच खोखा पुलिस को सौंपे। इसके अलावा दो मोबाइल, खून से सनी कैंची और खून लगे संदूक भी बरामद हुए थे।
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बलरामपुर के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े मृतक के भाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसपी विकास कुमार ने बताया कि जांच केवल वीडियो तक सीमित नहीं रहेगी। यह भी देखा जाएगा कि 29 लाख रुपये का लेनदेन किस माध्यम से हुआ था। इसके बैंक रिकॉर्ड, लिखित दस्तावेज, गवाह, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।