सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैराना लोकसभा व नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में रालोद व सपा की जीत को चौधरी चरण सिंह की विरासत, सामाजिक सद्भाव व सामाजिक न्याय की जीत बताया। कहा, जनता ने बंटवारे की राजनीति को नकार दिया है। उन्होंने इस जीत के लिए रालोद अध्यक्ष अजित सिंह व जयंत चौधरी के साथ भी बसपा, कांग्रेस, आप व अन्य दलों का आभार जताया।
कैराना व नूरपुर उपचुनाव परिणाम पर बोले अखिलेश यादव, भाजपा से सीखा उन्हीं का खेल
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अखिलेश यादव ने कहा कि गरीबों, किसानों ने भूखे-प्यासे, भीषण गर्मी में घंटों लाइन में खड़े होकर मतदान किया। उन्होंने गरीबी, बेरोजगारी, गन्ना किसानों की अनदेखी और सरकार की वादा खिलाफी का जवाब दिया। कहा कि गन्ना किसानों के मुद्दे पर भाजपा नेता लगातार गुमराह करते रहे। किसान बकाया गन्ना मूल्य मांग रहे थे तो भाजपा के लोग भुगतान के आंकड़े दे रहे थे। इसी मुद्दे पर कैराना के नजदीक बड़ौत में एक किसान की धरने पर मौत हो गई थी।
भाजपा से सीखा उन्हीं का खेल
विपक्षी दलों के गठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने कहा, हमने भाजपा से उसी का खेल सीख लिया है। जब हम विकास की बात करते थे तब वे सोशल इंजीनियरिंग की बात करते थे। भाजपा ने कितनी पार्टियों को अपने साथ जोड़ा? हमने गठबंधन उन्हीं से सीखा। कहा कि हम राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ गठबंधन के लिए प्रयास करने वालों के साथ हैं।
सीएम के भाषण से डर गया इसलिए नहीं गया
कैराना व नूरपुर में प्रचार के लिए नहीं जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने चुटकी ली। कहा, मुख्यमंत्री के भाषण से डर गया था, इसलिए प्रचार के लिए नहीं गया। सीएम की भाषा से सभी डरते हैं।
कहा कि इस चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री बागपत में रोड शो व सभा के लिए गए। इसमें शामली बाईपास और दिल्ली सहारनपुर रोड बनाने की बात की गई। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री गंगा स्नान के लिए (हरिद्वार) चले गए थे।