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'अंसारी ब्रदर्स' के कारण मुलायम की रैली से सीएम अखिलेश ने किया किनारा

Thu, 24 Nov 2016 02:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 24 Nov 2016 02:27 AM IST
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akhilesh yadav bycot gajipur rally because of ansari brothers.
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

पूर्वांचल में समाजवादियों का गढ़ कहे जाने वाले गाजीपुर में समाजवादी पार्टी की रैली में सीएम अखिलेश यादव के शामिल नहीं होने के मायने हैं। इस रैली के आयोजन में कौमी एकता दल (कौएद) से जुड़े नेताओं, खास तौर से अंसारी बंधुओं की अहम भूमिका रही है।



सीएम ने कौएद के सपा में विलय का विरोध किया था। रैली से किनारा करके सीएम ने संदेश देने की कोशिश की है कि वह आपराधिक तत्वों को पार्टी में तरजीह न देने की लाइन से हटे नहीं हैं।

एक तरह से उन्होंने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के कौएद के सपा में विलय पर सांकेतिक एतराज दर्ज करा दिया है। गाजीपुर में वर्ष 2012 के चुनाव में सपा को छह में से पांच सीटें मिली थीं। एक पर कौएद के सिगबतुल्ला अंसारी विजयी रहे थे। सिगबतुल्ला, बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई हैं।

मुख्तार पड़ोसी जिले मऊ से विधायक हैं। उनके दूसरे भाई अफजाल अंसारी गाजीपुर से सपा के सांसद रह चुके हैं। विलय से पहले वे कौएद के अध्यक्ष थे।

विलय का सीएम अखिलेश ने दर्ज कराया था विरोध

akhilesh yadav bycot gajipur rally because of ansari brothers.
- फोटो : ani

कौएद का जब सपा में विलय हुआ तो सीएम अखिलेश ने विरोध जताया था। उन्होंने विलय में मध्यस्थता निभाने वाले मंत्री बलराम यादव को बर्खास्त कर दिया था।

इस मुद्दे पर सपा की केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक हुई थी जिसमें विलय को खारिज कर दिया गया। बाद में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने विलय को हरी झंडी दे दी।

इसी के बाद अफजाल और सिगबतुल्ला अंसारी ने मुलायम से मिलकर गाजीपुर में रैली करने का आग्रह किया। चूंकि अखिलेश, इस विलय के खिलाफ थे, लिहाजा उन्होंने रैली में शामिल होना मुनासिब नहीं समझा। वह अंसारी बंधुओं के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते थे।

यही वजह है कि मुलायम रैली के लिए गाजीपुर रवाना हुए तो अखिलेश दिल्ली चले गए। बताया गया है कि उनका दिल्ली जाने का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था। रैली में शामिल न होने की जानकारी भी उन्होंने पहले ही दे दी थी।

बर्खास्त मंत्रियों का शक्ति प्रदर्शन थी रैली

akhilesh yadav bycot gajipur rally because of ansari brothers.

दरअसल, गाजीपुर रैली अंसारी बंधुओं के साथ ही बर्खास्त किए गए मंत्रियों ओमप्रकाश सिंह, नारद राय और शादाब फातिमा की प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई थी।

ओमप्रकाश और शादाब गाजीपुर के ही रहने वाले हैं जबकि नारद पड़ोसी बलिया जिले के हैं। सीएम के सामने यह भी धर्मसंकट था कि जिन मंत्रियों को पिछले महीने बर्खास्त किया है, उनकी रैली में जाएं या नहीं।

हालांकि, रैली में पास-पड़ोस के जिलों से भी भीड़ जुटाई गई लेकिन सर्वाधिक तादाद गाजीपुर की ही थी। इसमें इन मंत्रियों की भी भूमिका रही।

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