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इनके ऑफिस में उमड़ने लगी फरियादियों की भीड़, कुछ इस तरह लेते थे व्यवस्था का जायजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 21 Jun 2018 04:05 PM IST
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आईपीएस रघुबीर लाल
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इस कॉलम में हम आपको ऐसे ही ‘अलग बात’ वाले वर्दी वालों से परिचित कराते हैं। इनमें रघुबीर लाल की अपनी अलग पहचान है। कप्तान होते हुए अपराधियों को पकड़ने के लिए थानेदार के साथ खुद दबिश देने और पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए उन्हें याद किया जाता है।
आईपीएस रघुबीर लाल
- फोटो : amar ujala
बसपा शासनकाल में 4 फरवरी 09 को राजधानी में एसएसपी के स्थान पर डीआईजी की तैनाती के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कानून व्यवस्था का पद सृजित करके 1997 बैच के आईपीएस रघुबीर लाल को तैनात की गई। थानेदारों के तबादले या तैनाती का उनके पास अधिकार नहीं था। कार्यभार संभालने के साथ रघुबीर लाल ने कानून व्यवस्था के साथ अपराधियों की धरपकड़ शुरू की। तैनाती भले ही महत्वहीन पद पर हो, लेकिन रघुबीर लाल हर वारदात की सूचना पर खुद जल्द मौके पर पहुंचते।
आईपीएस रघुबीर लाल
- फोटो : amar ujala
नाका इलाके में प्लाइवुड व्यवसायी अपहरण कांड में तो उन्होंने दरोगा व सिपाहियों के साथ खुद छापामारी करके बदमाशों को पकड़ा। उनके दफ्तर में फरियादियों की भीड़ उमड़ने लगी। तैनाती के चंद दिनों बाद मीडियाकर्मियों के साथ खुद भी बैंक लुटेरे के भेष में निकले। वायरलेस पर संदेश प्रसारित किया और पॉश इलाकों में गाड़ी दौड़ाकर पुलिस की मुस्तैदी परखी।
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आईपीएस रघुबीर लाल
- फोटो : amar ujala
पुलिस लाइन के पास घेराबंदी करके रोकने वाले सिपाहियों को पुरस्कृत किया। वारदात की सूचना पर कप्तान के पहुंचने से थानेदार भी सक्रिय हो गए। फरियादियों को थाने से टरकाने का सिलसिला थम गया। खुद सादे कपड़ों में बगैर गनर के कभी बाइक तो कभी रिक्शे से भ्रमण करके पुलिस व्यवस्था का जायजा लेते थे।
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- फोटो : डेमो
पुलिस व नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम ने मुंशी पुलिया स्थित एक कॉम्प्लेक्स से 50 लाख की हेरोइन बरामद करने के साथ प्रॉपर्टी डीलर को पकड़ा। कुछ ही देर में रघुबीर लाल को छापामारी के पीछे साजिश की भनक लग गई। खुद जांच की। प्रॉपर्टी डीलर को फंसाने के लिए कॉम्प्लेक्स में हेरोइन रखने वाले को गिरफ्तार किया। उगाही के इरादे से साजिश रचने वालों पर सख्ती की और बेगुनाह को नारकोटिक्स विभाग की हवालात से रिहा कराया।