जानिए यूपी में टैक्स फ्री होने वाली फिल्म 'मांझी' से जुड़ी 9 रोचक बातें
21 अगस्त को रिलीज को रही केतन मेहता निर्देशित फिल्म मांझी रिलीज से पहले ही यूपी में टैक्स फ्री हो गई है। किसी फिल्म को रिलीज से पहले ही टैक्स फ्री कर दिया जाना एक बड़ी बात होती है। यकीनन इस फिल्म में कुछ ऐसा रहा होगा कि यूपी की कैबिनेट को लगा कि यह फिल्म यूपी के दर्शकों के लिए टैक्स फ्री हो। चलिए जानते हैं इस फिल्म से जुड़ी 9 दिलचस्प बातें।
जानिए यूपी में टैक्स फ्री होने वाली फिल्म 'मांझी' से जुड़ी 9 रोचक बातें
‘मांझी : द माउंटेन मैन’ एक व्यक्ति की असल जिंदगी पर बनी फिल्म है। यह फिल्म बिहार के एक मजदूर दशरथ मांझी के जीवन को पर्दे पर उतारती है। दशरथ एक मजदूर थे और उनकी बीवी की मौत पानी लाते वक्त पहाड़ के दर्रे में गिरकर मर जाने की वजह से हुई। उनकी पत्नी फाल्गुनी देवी का इलाज इसलिए अच्छे अस्पताल में नहीं हो सका क्योंकि अस्पताल उस गांव से 70 किमी दूर था।
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गांव की भौगोलिक संरचना कुछ ऐसी थी कि यदि गांव के पास ही पड़ने वाले पहाड़ से बीच का रास्ता निकाल लिया जाए तो वहां शहर का रास्ता महज 10 किमी रह जाता है। बीवी का इजाब वहां के स्थानीय वैद्य ने शुरू किया लेकिन वह बच न सकीं। तभी दशरथ मांझी के दिल में ख्याल आया कि वह इस पहाड़ को तोड़कर रास्ता बनाएंगे। जाहिर सी बात है यह विचार गांव के लोगों को हास्यास्पद लगा और दशरथ को पागल कहा जाने लगा।
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पहाड़ काटने का काम वाकई बहुत बड़ा था। इसके लिए दशरथ को अपनी मजदूरी छोड़नी पड़ी। अपने जानवरों को बेंचकर उन्होंने छेनी, हथौड़ा और फावड़ा खरीदा। इसके बाद वह पहाड़ काटने के काम में जुट गए। धीरे-धीरे यह चर्चा गांव के बाहर भी होने लगी। लोग दशरथ को पहाड़ काटता देखने के लिए आते। हालात ऐसे भी बने जब दशरथ के सामने पेट भर खाने का संकट आने लगा।
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खुद को मजाक बनाए जाने को लगातार उपेक्षित करते रहे दशरथ दिन-रात पहाड़ काटने का यह काम करते रहे। करीब 22 साल के बाद दशरथ ने पहाड़ के बीच से करीब 25 फुट का उबड़ खाबड़ गलियारा बना दिया। इसके बाद इस पर सड़क निर्माण का काम शुरु हो पाया।