हरियाणा सीमा पर फंसे लखनऊ के 11 मजदूर, पुलिस पर लगाया सामान छीनने और पीटने का आरोप
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यूपी-हरियाणा सीमा पर यमुना नगर जिले के जंगलों में फंसे निगोहां, उतरावा व पुरहिया गांव के 11 मजदूर वायरल वीडियो में मदद की गुहार लगा रहे हैं। मजदूर आरोप लगा रहे हैं कि वहां की पुलिस ने उन लोगों से बैग छीनकर भगा दिया। जिससे डर के मारे उन्होंने जंगलों में शरण ले रखी है। तीन दिनों से से वे भूखे हैं। उन्हें खाने-पीने के लिए कुछ भी नहीं मिला। वे हर हाल में मदद चाह रहे हैं।
निगोहां के रहने वाले मजदूर सुरेंद्र, मुकद्दर, मजनू, रमाकांत, राहुल, दुर्गेश, शिवा, हरिशंकर, पिंटू, विनय, रंजीत ने यहां के पूर्व प्रधान अजय सिंह को फोन पर बताया कि वे सभी पंजाब की कुराली में दूध कंपनी में काम करते थे। वहां काम बंद हो गया। पैसे भी खत्म हो गए।
वहां जब खाने पीने को नहीं मिला तो वे बीते 11 मई को चले और 200 किमी चलकर यूपी बॉर्डर पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस से गुहार लगाई तो उन्होंने मारा-पीटा व समान छीन कर भगा दिया। वे डर के मारे जमुना नगर के जंगल में तीन दिनों से शरण लिए हुए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ मजदूर बीमार भी हैं। उन्हें इलाज और खाने पीने के सामान की तुरंत जरूरत है।
विधायक बोले- मजदूरों की करेंगे मदद
मजदूरों के परिजन रामप्रसाद, गुरुप्रसाद, बंसीलाल हीरालाल निगोहां गांव के पूर्व प्रधान अजय सिंह के पास गए। पूर्व प्रधान ने बताया कि मजदूरों से फोन पर बात हुई है। मजदूरों से वहां का एक वीडियो बनाकर भेजने की बात कही। इसके बाद उन्होंने इस पूरे मामले से सांसद मोहनलालगंज व विधायक मोहनलालगंज अमरीश पुष्कर को अवगत कराया।
सांसद व विधायक ने मजदूरों से बातचीत कर उन्हें मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद हरियाणा के स्थानीय भाजपा नेता ने जंगलों में शरण लिए मजदूरों की मदद की है। जंगल में शरण लेने वालों में निगोहां, उतरावा व पुरहिया गांव के लोग शामिल हैं । विधायक अमरीश पुष्कर ने बताया मजदूरों से बात हुई है। मजदूरों की हर संभव मदद का प्रयास किया जा रहा है।