Yoga Tips : नियमित योगासन का अभ्यास मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। योग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे कई तरह की बीमारियों से राहत मिलती है। हालांकि अक्सर लोग योगासन का सही तरीके से अभ्यास नहीं करते, जिसका शरीर पर गलत असर पड़ सकता है। कई योगाभ्यास ऐसे हैं जो बिना एक्सपर्ट के नहीं करने चाहिए। इसलिए योगासन को करते समय आपको पता होना चाहिए कि योग का सही तरीका क्या है।
Yoga Tips: सूर्य नमस्कार करते समय न करें ये गलतियां, जानें अभ्यास का सही तरीका और फायदा
सूर्य नमस्कार करते समय न करें ये गलतियां
- सूर्य नमस्कार के अंतर्गत 12 अलग आसनों का अभ्यास किया जाता है, लोगों को इन सभी आसनों के बीच का अंतर पता नहीं होता।
- यह सांस आधारित योगासन होता है, इसलिए अभ्यास के समय शरीर की गतिविधियों के साथ सांसों का तालमेल होना चाहिए, लेकिन लोग अभ्यास के समय श्वसन तकनीक का सही से पालन नहीं करते।
- 12 आसनों के सेट में एक हस्त उत्तानासन है, जिसे एक राउंड में दो बार किया जाता है। लेकिन योग करते समय लोग अक्सर हस्त उत्तानासन को छोड़ देते हैं, जिससे उसकी सांस और गति का संतुलन टूट जाता है।
- सूर्य नमस्कार के अंतर्गत चतुरंग दंडासन करते समय अक्सर लोग गलती करते हैं। जिससे उनकी निचली रीढ़ पर दबाव बन सकता है और पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है।
- सूर्य नमस्कार के अंतर्गत भुजंगासन और ऊर्ध्वमुख श्वानासन के बीच अंतर न पता होने पर लोग इसे समान तरीके से करते हैं।
सूर्य नमस्कार का सही तरीका
स्टेप 1- मैट पर प्रणामासन की मुद्रा में खड़े होकर सांस खींचते हुए उत्तानासन की अवस्था में आ जाएं।
स्टेप 2- अब सांस छोड़ते हुए हस्तपादासन की मुद्रा बना लें।
स्टेप 3- दोबारा सांस खींचते हुए अश्व संचालनासन की स्थिति में आ जाएं।
स्टेप 4- फिर सांस छोड़ें और इस दौरान दंडासन की मुद्रा में रहें।
स्टेप 5- इस अवस्था में सांस रोककर कुछ देर रहें।
स्टेप 6- बाद में पुन: सांस खींचते हुए अष्टांग नमस्कार करें।
स्टेप 7- सांस को छोड़ते हुए भुजंगासन की अवस्था में आ जाएं।
स्टेप 8- अब सांस खींचते हुए अधोमुख श्वानासन की स्थिति में आ जाएं।
स्टेप 9- सांस को इसी तरह सिंक में रखते हुए अश्व संचालनासन की अवस्था में रहें।
स्टेप 10- फिर हस्त उत्तानासन की स्थिति में जाते हुए सांस को छोड़ें।
स्टेप 11- अंत में सांस को खींचते हुए ताड़ासन करें।
सूर्य नमस्कार का सेहत पर असर
सूर्य नमस्कार के फायदे
सूर्य नमस्कार में अधिक से अधिक आसन बिना रुके करने से ज्यादा कैलोरी बर्न होती है।
सूर्य नमस्कार से शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है और वजन नियंत्रित होता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक सूर्य नमस्कार करने से शरीर की जितनी कैलोरी बर्न होती है, उतनी दौड़ने, साइकलिंग करने या किसी स्पोर्ट व वर्क आउट से भी नहीं होती।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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