Yoga For Knee Pain: उम्र बढ़ने के साथ ही कई तरह की बीमारियां शरीर को प्रभावित करने लगती हैं। उम्र के साथ जोड़ों और घुटने के दर्द की समस्या बढ़ जाती है। वहीं आम तौर पर मौसम में परिवर्तन के कारण घुटनों और जोड़ों में दर्द अधिक होने लगता है। हालांकि अब केवल अधिक उम्र के लोगों को ही नहीं, बल्कि कम उम्र से ही लोगों को घुटनों और जोड़ों में दर्द की शिकायत रहने लगती है। जोड़ों में दर्द होने का एक कारण शारीरिक सक्रियता में कमी होना है। इसके अलावा अधिक तैलीय खाद्य पदार्थों का सेवन, शरीर के लिए आवश्यक पौष्टिक आहार की कमी भी दर्द का कारण बनता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि दर्द से राहत पाने के लिए मांसपेशियों में मजबूती लानी चाहिए। मांसपेशियों की मजबूती के लिए योगासन का अभ्यास असरदार है। योग पैरों के रक्त संचार को बेहतर बनाता है। घुटनों के दर्द से राहत दिलाने के साथ ही घुटनों और पैरों को मजबूत करता है। अगर आप के भी घुटनों या जोड़ों में दर्द रहता है, तो इस समस्या से निजात पाने के लिए नियमित कुछ खास योगासनों का अभ्यास अपने जीवनशैली में शामिल करें।
Yoga Tips: घुटनों के दर्द से राहत पाने के लिए करें इन योगासनों का अभ्यास, उठते-बैठते समय नहीं होगी परेशानी
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पर्श्वोत्तनासन
पर्श्वोत्तनासन को पिरामिड योग कहते हैं। इस योग के अभ्यास के लिए दाहिने पैर को आगे बढ़ाकर 45 डिग्री का एंगल बना लें, फिर आगे की ओर झुकते हुए हाथों को जमीन पर नीचे की ओर सटाएं। ध्यान रखें कि घुटनों को मोड़ें बिना इसी अवस्था में कुछ देर रहने के बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं।
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन के अभ्यास से मांसपेशियों का दर्द कम हो सकता है। इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े होकर पैरों के बीच करीब दो फीट की दूरी रखें। अब गहरी सांस लेते हुए शरीर को दाईं ओर झुकाएं और फिर बाएं हाथ को ऊपर की तरफ ले जाएं। नजरें भी बाएं हाथ की उंगलियों पर टिका लें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और फिर पुरानी वाली मुद्रा में आ जाएं।
मलासन
इस योगासन का अभ्यास करने के लिए सीधे खड़े हो कर दोनों पैरों के बीच दूरी रखते हुए हाथों को प्रार्थना की मुद्रा में ले जाएं। इस अवस्था में रहते हुए धीरे से नीचे बैठें और सांस को छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें। अब दोनों कोहनियों को जांघों के बीच 90 डिग्री के एंगल में ले जाते हुए सामान्य तरीके से सांस लें। बाद में सामान्य स्थिति में खड़े हो जाएं।
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।