{"_id":"6ac2235b42dc3a9b7e0f963b","slug":"4-simple-tricks-for-parents-how-to-get-kids-to-eat-without-screens-2026-10-04","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पैरेंटिंग टिप्स: बच्चों को बिना फोन दिखाए भी खिला सकते हैं खाना, ये चार ट्रिक्स आएंगी काम","category":{"title":"Lifestyle","title_hn":"लाइफ स्टाइल","slug":"lifestyle"}}
पैरेंटिंग टिप्स: बच्चों को बिना फोन दिखाए भी खिला सकते हैं खाना, ये चार ट्रिक्स आएंगी काम
Sun, 04 Oct 2026 04:53 PM IST
Shruti Gaur
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Sun, 04 Oct 2026 04:53 PM IST
सार
4 Simple Tricks for Parents: इस लेख में जानें, बच्चों को मोबाइल या टीवी दिखाए बिना खाना खिलाने के 4 आसान तरीके, स्क्रीन टाइम कम करने और हेल्दी ईटिंग हैबिट्स विकसित करने के प्रभावी टिप्स।
विज्ञापन
बच्चों को बिना फोन दिखाए भी खिला सकते हैं खाना
- फोटो : AI
4 Simple Tricks for Parents: “बच्चा खाना नहीं खा रहा”, यह शिकायत आजकल कई माता-पिता की आम परेशानी बन गई है। कई घरों में बच्चे को खाना खिलाने के लिए मोबाइल या टीवी का सहारा लिया जाता है। कार्टून या वीडियो देखते हुए बच्चा खाना तो खा लेता है, लेकिन धीरे-धीरे स्क्रीन के साथ खाना खाने की आदत बन सकती है।
बच्चों को बिना फोन दिखाए भी खिला सकते हैं खाना
- फोटो : AI
खाने को मजेदार बनाएं
बच्चों के लिए खाना सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि देखने में भी आकर्षक होना चाहिए। आप फल, सब्जियों, रोटी या सैंडविच को अलग-अलग शेप में काटकर प्लेट में सजा सकते हैं। स्टार, हार्ट या फूल जैसी आसान शेप बच्चों को आकर्षित कर सकती हैं। खाने में अलग-अलग रंगों के फूड शामिल करें, जैसे गाजर, खीरा, पनीर, केला या स्ट्रॉबेरी। बच्चे की पसंद की प्लेट, कटोरी या चम्मच का इस्तेमाल भी उसके खाने के अनुभव को मजेदार बना सकता है। हालांकि, प्लेट में बहुत ज्यादा खाना एक साथ न परोसें। छोटी मात्रा से शुरुआत करें और जरूरत पड़ने पर दोबारा दें।
बच्चों के लिए खाना सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि देखने में भी आकर्षक होना चाहिए। आप फल, सब्जियों, रोटी या सैंडविच को अलग-अलग शेप में काटकर प्लेट में सजा सकते हैं। स्टार, हार्ट या फूल जैसी आसान शेप बच्चों को आकर्षित कर सकती हैं। खाने में अलग-अलग रंगों के फूड शामिल करें, जैसे गाजर, खीरा, पनीर, केला या स्ट्रॉबेरी। बच्चे की पसंद की प्लेट, कटोरी या चम्मच का इस्तेमाल भी उसके खाने के अनुभव को मजेदार बना सकता है। हालांकि, प्लेट में बहुत ज्यादा खाना एक साथ न परोसें। छोटी मात्रा से शुरुआत करें और जरूरत पड़ने पर दोबारा दें।
बच्चों को बिना फोन दिखाए भी खिला सकते हैं खाना
- फोटो : AI
बच्चे को खाने की तैयारी में शामिल करें
बच्चे को खाना बनाने की प्रक्रिया में उम्र के अनुसार छोटी-छोटी जिम्मेदारियां दें। जैसे फल और सब्जियां धोना, प्लेट टेबल पर रखना, नैपकिन रखना या दो हेल्दी विकल्पों में से अपनी पसंद की चीज चुनना। इससे बच्चे को खाने से जुड़ने का मौका मिलता है और उसमें आत्मनिर्भरता की भावना भी विकसित होती है। छोटे बच्चों को गैस, चाकू या गर्म बर्तन से दूर रखें और ऐसे काम ही दें जो उनके लिए सुरक्षित हों। जब बच्चा अपनी पसंद या मेहनत को खाने से जोड़ता है, तो वह नई चीजें चखने के लिए भी ज्यादा उत्साहित हो सकता है।
बच्चे को खाना बनाने की प्रक्रिया में उम्र के अनुसार छोटी-छोटी जिम्मेदारियां दें। जैसे फल और सब्जियां धोना, प्लेट टेबल पर रखना, नैपकिन रखना या दो हेल्दी विकल्पों में से अपनी पसंद की चीज चुनना। इससे बच्चे को खाने से जुड़ने का मौका मिलता है और उसमें आत्मनिर्भरता की भावना भी विकसित होती है। छोटे बच्चों को गैस, चाकू या गर्म बर्तन से दूर रखें और ऐसे काम ही दें जो उनके लिए सुरक्षित हों। जब बच्चा अपनी पसंद या मेहनत को खाने से जोड़ता है, तो वह नई चीजें चखने के लिए भी ज्यादा उत्साहित हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बच्चों को बिना फोन दिखाए भी खिला सकते हैं खाना
- फोटो : AI
परिवार के साथ बैठकर खाना खाएं
बच्चे अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को देखकर कई आदतें सीखते हैं। इसलिए कोशिश करें कि परिवार के सभी लोग साथ बैठकर खाना खाएं और उस दौरान मोबाइल, टीवी या अन्य स्क्रीन से दूरी बनाए रखें। खाने के समय बच्चे से उसके दिन के बारे में बात करें, उससे स्कूल, खेल या दोस्तों से जुड़ी बातें पूछें। इससे उसका ध्यान स्क्रीन की बजाय खाने और परिवार के साथ बातचीत पर रहेगा। माता-पिता खुद भी अगर स्वस्थ भोजन खाते हैं, तो बच्चे के लिए एक अच्छा उदाहरण बनता है। खाने के समय माहौल शांत और सकारात्मक रखें।
बच्चे अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को देखकर कई आदतें सीखते हैं। इसलिए कोशिश करें कि परिवार के सभी लोग साथ बैठकर खाना खाएं और उस दौरान मोबाइल, टीवी या अन्य स्क्रीन से दूरी बनाए रखें। खाने के समय बच्चे से उसके दिन के बारे में बात करें, उससे स्कूल, खेल या दोस्तों से जुड़ी बातें पूछें। इससे उसका ध्यान स्क्रीन की बजाय खाने और परिवार के साथ बातचीत पर रहेगा। माता-पिता खुद भी अगर स्वस्थ भोजन खाते हैं, तो बच्चे के लिए एक अच्छा उदाहरण बनता है। खाने के समय माहौल शांत और सकारात्मक रखें।
विज्ञापन
बच्चों को बिना फोन दिखाए भी खिला सकते हैं खाना
- फोटो : AI
खाने का समय तय रखें
बच्चे के लिए नियमित मील और स्नैक रूटीन बनाना मददगार हो सकता है। कोशिश करें कि रोज लगभग तय समय पर नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का स्नैक और रात का खाना दिया जाए। हर बार बच्चा खाना न खाए तो उसके पीछे भागने या बार-बार अलग भोजन देने से बचें। उसे दो सीमित और पौष्टिक विकल्प दें, जैसे “सेब खाओगे या केला?” इससे बच्चे को अपनी पसंद बताने का मौका मिलेगा। जबरदस्ती खिलाने या डांटने के बजाय धैर्य रखें। अगर बच्चा किसी एक दिन कम खाता है, तो तुरंत चिंता करने के बजाय उसकी पूरी दिनभर की खाने की आदतों पर ध्यान दें।
बच्चे के लिए नियमित मील और स्नैक रूटीन बनाना मददगार हो सकता है। कोशिश करें कि रोज लगभग तय समय पर नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का स्नैक और रात का खाना दिया जाए। हर बार बच्चा खाना न खाए तो उसके पीछे भागने या बार-बार अलग भोजन देने से बचें। उसे दो सीमित और पौष्टिक विकल्प दें, जैसे “सेब खाओगे या केला?” इससे बच्चे को अपनी पसंद बताने का मौका मिलेगा। जबरदस्ती खिलाने या डांटने के बजाय धैर्य रखें। अगर बच्चा किसी एक दिन कम खाता है, तो तुरंत चिंता करने के बजाय उसकी पूरी दिनभर की खाने की आदतों पर ध्यान दें।