अधिक वजन और मोटापा को संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है उनमें कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापे की स्थिति समय के साथ शरीर में ऐसे बदलाव करना शुरू कर देती है जिसके कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोगों से लेकर कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपना वजन कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं।
सेहत की बात: पतले शरीर में भी छिपा हो सकता है मोटापा, जानिए क्या होता है TOFI और ये क्यों है खतरनाक?
टीओएफाई यानी थिन आउटसाइड फैट इनसाइड ऐसी स्थिति को कहा जाता है जिसमें लोग बाहर से सामान्य दिखते हैं, लेकिन शरीर में अतिरिक्त विसरल फैट मौजूद हो सकता है। पेट की चर्बी, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और लिपिड प्रोफाइल को प्रभावित करने वाली हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं भले ही आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) सामान्य हो फिर भी आप अंदर से मोटापे का शिकार हो सकते है। शरीर में ज्यादा विसरल फैट होना इंसुलिन रेजिस्टेंस और मेटाबॉलिक गड़बड़ियों का खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है। यही वजह है कि सिर्फ वजन देखकर सेहत का अंदाजा लगाना सही नहीं है।
टीओएफआई क्या होता है?
टीओएफआई का मतलब है शरीर बाहर से पतला दिख सकता है लेकिन अंदर से ज्यादा फैट हो सकता। ऐसे लोगों को वजन और बीएमआई भी सामान्य हो सकता है, लेकिन शरीर में फैट का प्रतिशत ज्यादा रहता है। खासकर पेट के अंदर जमा विसरल फैट सबसे ज्यादा चिंता का कारण बनता है। यही कारण है कि आप देखने में बिल्कुल फिट लग सकते है, लेकिन अंदर से मेटाबॉलिक समस्याओं का जोखिम मौजूद हो सकता है।
पेट के अंदर जमा फैट क्यों खतरनाक?
विसरल फैट पेट के अंदर मौजूद अंगों के आसपास जमा होता है। यह सिर्फ अतिरिक्त चर्बी नहीं है, बल्कि इसका शरीर के मेटाबॉलिज्म पर असर हो सकता है। सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को ये बढ़ावा देता रहता है।
- ज्यादा विसरल फैट इंसुलिन रेजिस्टेंस और ब्लड शुगर से जुड़ी गड़बड़ियों का जोखिम बढ़ाते हैं। इसलिए पेट के आसपास बढ़ती चर्बी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक मानते हैं।
बीएमआई सामान्य है फिर भी खतरा
बीएमआई शरीर के वजन और लंबाई के आधार पर एक सामान्य अंदाजा देता है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि शरीर में फैट कितना है और वह कहां जमा है?
अगर आपके शरीर में फैट ज्यादा और मांसपेशियां कम हैं, तो इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सामान्य वजन होने के बावजूद ब्लड शुगर और मेटाबॉलिक हेल्थ पर ध्यान देना जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अपनी सेहत का अंदाजा लगाने के लिए सिर्फ वेट मशीन का नंबर हीन देखें। कमर की माप, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों पर भी ध्यान देना जरूरी हैं। नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त प्रोटीन, सब्जियों और साबुत अनाज से भरपूर संतुलित डाइट शरीर में अतिरिक्त फैट को कंट्रोल करने और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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