Yoga Tips: हृदय संबंधी समस्याएं कोविड 19 के बाद से तेजी से बढ़ती देखी गई हैं। पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी समस्याओं से लोगों में जान का जोखिम बढ़ा है। हृदय रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। यह एक गंभीर समस्याकारक और जानलेवा रोग है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, लोगों में लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी के कारण हृदय रोग का जोखिम और भी बढ़ जाता है।
Yoga Tips: हृदय संबंधी समस्याओं के बचाव के लिए नियमित करें इन योगासनों का अभ्यास
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प्राणायाम
प्राणायाम का अभ्यास मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। हृदय रोग का मुख्य कारक उच्च रक्तचाप होता है, जिसे कम करने के लिए भी यह योगासन किया जा सकता है। प्राणायाम के अभ्यास से हृदय की मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्त संचार बेहतर होता है। वहीं हृदय पर बनने वाले किसी भी अतिरिक्त दबाव को प्राणायाम योगासन का अभ्यास कम कर सकता है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए प्राणायाम में भस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम-विलोम की आदत डालें।
त्रिकोणासन
इस आसन के अभ्यास से फेफड़े मजबूत होते है। पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। हृदय रोग की समस्या से निजात पाने के लिए त्रिकोणासन का अभ्यास कर सकते हैं। इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े होकर पैरों के बीच करीब दो फीट की दूरी रखें। गहरी सांस लेते हुए शरीर को दाईं ओर झुकाएं और बाएं हाथ को ऊपर की तरफ ले जाएं। नजरें भी बाएं हाथ की उंगलियों पर टिकाकर कुछ देर इसी स्थिति में रहें। पुरानी अवस्था में दोबारा आ जाएं।
वृक्षासन
वृक्षासन से तनाव कम होता है, मस्तिष्क शांत रहता है और हृदय रोग की समस्या से बचाव होता है। इस आसन को करने के लिए बाएं पैर को सीधा रखते हुए संतुलन बनाए रखें। गहरी सांस लेते हुए हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और नमस्कार की मुद्रा बनाएं। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए बाएं तलवे को दाहिनी जांघ पर रखें। इसी प्रक्रिया को दोहराएं।
मार्जरी आसन
इस आसन को करने के लिए शरीर की मुद्रा बिल्ली जैसी करनी होती है। मार्जरी आसन के अभ्यास से कमर की हड्डी मजबूत बनता है। शरीर में फुर्ती, बिगड़ा पोस्चर में सुधार और कमर दर्द से राहत समेत हृदय रोगों से बचाव हो सकता है।
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