कई अध्ययनों से ये स्पष्ट हो गया है कि अच्छी सेहत के लिए खान-पान और लाइफस्टाइल को ठीक रखने के साथ रोजाना रात में अच्छी और निर्बाध नींद लेना भी जरूरी है।
सेहत की बात: सिर्फ 8-9 घंटे सोना ही काफी नहीं, नींद की क्वालिटी खराब है तो भी हो सकती हैं दिक्कतें
Sleep Quality: स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ 7-9 घंटे सोना ही पर्याप्त नहीं है। नींद गहरी और आरामदायक भी होनी चाहिए। बार-बार नींद टूटना, सुबह थकान और दिन में नींद आते रहना खराब नींद के संकेत हो सकते हैं। लंबे समय तक नींद की गड़बड़ी वजन, ब्लड शुगर और हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
नींद पर ध्यान देना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नींद में खराबी का असर धीरे-धीरे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने लग जाता है। इसके कारण दिनभर सुस्ती और थकान, काम पर ध्यान न लगने, चिड़चिड़ापन, मूड में बदलाव और याददाश्त से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। लंबे समय तक नींद की गुणवत्ता खराब रहने पर सेहत पर इसका असर और व्यापक हो सकता है।
- डॉक्टर बताते हैं, अगर आप अक्सर तनाव में रहते हैं, देर रात तक मोबाइल चलाते हैं, सोने-जागने का समय अनियमित है तो ये सभी स्थितियां नींद की क्वालिटी को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में सिर्फ बिस्तर पर ज्यादा समय बिताना काफी नहीं है।
आखिर अच्छी और गहरी नींद के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानते हैं।
8 घंटे से ज्यादा, निर्बाध नींद जरूरी
वयस्कों के लिए रात में आमतौर पर 7 से 9 घंटे की नींद की सलाह दी जाती है। लेकिन अगर इस दौरान बार-बार नींद टूटती है या नींद बहुत हल्की रहती है, तो शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता।
- नींद की इस तरह की दिक्क्तों के कारण दिमाग को आराम नहीं मिल पाता और आप अगले दिन थके-थके से उठते हैं।
- ये समस्या अगर लंबे समय तक बनी रहे तो इससे कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए नींद की अवधि के साथ उसकी निरंतरता भी महत्वपूर्ण है।
कैसे जानें आपकी नींद अच्छी थी या खराब?
नींद की समस्याओं की पहचान करना बहुत आसान है। सुबह उठते ही थकान, दिन में ज्यादा नींद आना, काम पर ध्यान लगाने में परेशानी होना, चिड़चिड़ापन और दिन में बार-बार जम्हाई आना संकेत है कि आपको अच्छी नींद नहीं मिल पा रही है।
- लगातार नींद खराब रहने पर मूड और मानसिक प्रदर्शन में बदलाव हो सकता है।
- नींद की कमी भूख और ऊर्जा से जुड़े हार्मोन को भी प्रभावित कर सकती है।
- लंबे समय तक इसका असर मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोग जैसे जोखिमों के रूप में देखा जाता है।
फिर नींद बेहतर करने के लिए क्या करें?
अच्छी और निर्बाध नींद के लिए कुछ छोटे-छोटे बदलाव बड़े काम के हो सकते हैं।
- हर दिन लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें। सोने से पहले तेज रोशनी और स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें। देर रात भारी भोजन और कैफीन से बचें।
- इन उपायों के बावजूद अगर आपको नींद की दिक्कत बनी रहती है तो समय रहते डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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