हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) की समस्या पिछले एक दशक में काफी तेजी से बढ़ती हुई देखी गई है। इसे हृदय रोगों के प्रमुख कारक के तौर पर जाना जाता है। उच्च रक्तचाप को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उच्च रक्तचाप के रोगियों को हृदय रोग और स्ट्रोक का अधिक खतरा होता है। गतिहीन जीवनशैली, खराब आहार, मोटापा, धूम्रपान, तनाव जैसे कई कारक हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को बढ़ा देते हैं। इस समस्या को पूरी तरह से ठीक भी नहीं किया जा सकता है, दवाइयों से सिर्फ इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।
आज का योग: ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए रोजाना कीजिए इन आसनों का अभ्यास, तनाव प्रबंधन में भी सहायक
बालासन योग है फायदेमंद
हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए बालासन योग (चाइल्ड पोज) फायदेमंद होता है। यह उच्च रक्तचाप को बढ़ावा देने वाले विभिन्न कारकों से राहत देने में आपकी मदद कर सकता है। यह आसन तनाव को कम करने के साथ पूरे शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार करता है। गर्दन और कंधों से तनाव कम करने में भी इस योग को काफी कारगर माना जाता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचे रहने के लिए नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास किया जाना चाहिए।
सुखासन योग से मिलता है लाभ
सुखासन योग कई तरह से हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह योगासन श्वास को नियंत्रित करता है। मन की शांति को बढ़ावा देकर तनाव को कम करने में भी इसे मददगार माना जाता है जिससे उच्च रक्तचाप से राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शांत मन, स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक होता है। इतना ही नहीं इस योग का नियमित अभ्यास पीठ और गर्दन को भी स्ट्रेच करके शरीर की मुद्रा में भी सुधार करने में सहायक है।
सेतुबंधासन योग
सेतुबंधासन (ब्रिज पोज़) योग पीठ और कमर में दर्द की समस्याओं से राहत दिलाने के साथ रक्तचाप को भी नियंत्रित करता है। मस्तिष्क को शांत करने के साथ तनाव को कम करने में भी इस योग को काफी फायदेमंद माना जाता है। माइल्ड डिप्रेशन को मैनेज करने में भी इसके लाभ देखे गए हैं। हाई ब्लड प्रेशर के अलावा, ब्रिज पोज़ पेट के अंगों, फेफड़ों, मासिक धर्म के दर्द, थकान, सिरदर्द और चिंता को भी कम कर सकता है। नियमित रूप से इसका अभ्यास सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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