सेंडेंटरी लाइफस्टाइल को स्वास्थ्य विशेषज्ञ तेजी से बढ़ती तमाम तरह की बीमारियों के प्रमुख कारक के तौर पर देखते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक रूप से सक्रियता बना रहना बहुत आवश्यक होता है। वहीं जिन लोगों के दिन का ज्यादातर समय ऑफिस में बैठे या फिर घर में आराम करते हुए बीतता है, उनमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम हो सकता है।
Yoga Tips: सेंडेंटरी लाइफस्टाइल से परेशान हैं तो आसानी से इन योगासनों का अभ्यास करके पा सकते हैं लाभ
अधोमुख शवासन योग का अभ्यास
शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ सभी अंगों में रक्त के संचार को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए अधोमुख शवासन योग का अभ्यास काफी लाभप्रद होता है। यह कंधों से तनाव को कम करने के साथ, गर्दन को आराम देने और मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को ठीक करने में आपके लिए काफी फायदेमंद अभ्यास हो सकता है। सिर से लेकर पैर तक की सभी बड़ी मांसपेशियों का इससे अभ्यास हो जाता है।
मत्सयासन योग के लाभ
मत्सयासन योग को शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की सेहत को फिट बनाए रखने के लिए काफी असरदार अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। लंबे समय तक समय ऑफिस में बैठे रहने के कारण कमर और गर्दन में दर्द होना काफी सामान्य है, इस योग के अभ्यास की आदत छाती की मांसपेशियों को फैलाने के साथ गर्दन, गले और सिर में रक्त के संचार को बढ़ाकर दर्द से राहत दिलाने में काफी सहायक है।
मार्जरी आसन के लाभ
मार्जरी आसन जिसे कैट काऊ पोज के रूप में भी जाना जाता है, यह अभ्यास सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण होने वाली पीठ और रीढ़ की समस्याओं में काफी कारगर है। यह गर्दन को रीढ़ की स्थिति में वापस लाने में भी मदद करती है। पेट के अंगों के साथ कमर और रीढ़ की स्थित को ठीक रखने और अनावश्यक तनाव-दर्द की समस्या से राहत दिलाने के लिए इस योगासन के अभ्यास की आदत लाभकारी हो सकती है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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