हमारा पूरा शरीर हड्डियों और मांसपेशियों का एक सुव्यवस्थित ढांचा है। जीवनशैली की गड़बड़ आदतों के चलते पिछले कुछ समय में लोगों में मांसपेशियों से संबंधित कई तरह की समस्याएं काफी बढ़ती हुई देखी गई हैं। मांसपेशियों में अकड़न या इनका सख्त हो जाना, ऐसी ही एक सामान्य दिक्कत है। इस स्थिति में हिलने-डुलने तक में भी मुश्किल महसूस हो सकती है। मांसपेशियों में अकड़न के साथ दर्द, ऐंठन आपकी दिक्कतों को बढ़ा सकती है। इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए नियमित रूप से योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
आज का योग टिप्स: मांसपेशियों की कठोरता दूर कर आराम दिलाने में मददगार हैं ये योग, जरूर कीजिए इनका अभ्यास
मार्जरी आसन का अभ्यास
मार्जरी आसन या कैट-काऊ पोज, पेट और कमर की समस्याओं से राहत दिलाने के साथ सभी बड़ी मांसपेशियों को आराम दिलाने में काफी सहायक मानी जाती है। पीठ की मांसपेशियों की कठोरता को कम करने, रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार करने और पीठ के निचले हिस्से के तनाव को कम करने में मार्जरी आसन का अभ्यास विशेष लाभदायक माना जाता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक यह आसन तंत्रिका तंत्र को शांत करने और रक्त परिसंचरण में सुधार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बालासन योग
बालासन योग या चाइल्ड पोज शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए विशेष कारगर योगासनों में से एक है। चाइल्ड पोज, मस्तिष्क को शांत रखकर तनाव-चिंता विकार से राहत दिलाने में आपकी मदद कर सकता है। पीठ, कूल्हों, जांघों, टखनों और पैरों की मांसपेशियों की सख्ती, इनके दर्द के कम करने में इस योग के नियमित अभ्यास के लाभ देखे गए हैं। रोजाना बालासन योग का अभ्यास करना आपके लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।
अधोमुख शवासन योग
डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पोज या अधोमुख शवासन योग, शरीर की सभी बड़ी मांसपेशियों विशेषकर हैमस्ट्रिंग से लेकर पीठ के निचले हिस्से पर विशेष रूप से काम करता है। पैर से लेकर कंधों तक की स्ट्रेचिंग को बढ़ाने के साथ पूरे शरीर में रक्त के संचार को ठीक रखने में इस योग के विशेष लाभ के बारे में पता चलता है। अधोमुख शवासन योग कमर दर्द की समस्याओं से राहत दिलाने में भी मददगार अभ्यास माना जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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