बढ़े हुए रक्तचाप के स्तर यानी की हाइपरटेंशन को 'साइलेंट किलर' डिजीज माना जाता है, इसका शरीर के कई अंगों पर गंभीर रूप से नकारात्मक असर हो सकता है। पिछले कुछ समय से कम उम्र के लोगों में भी यह समस्या काफी तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है, इसके लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ आहार में गड़बड़ी और जीवनशैली की समस्याओं को प्रमुख कारण मानते हैं। विशेषकर सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी की शारीरिक निष्क्रियता को गंभीर जोखिम कारक के तौर पर देखा जाता रहा है।
World Hypertension Day: इन योगासनों के नियमित अभ्यास से ब्लड प्रेशर रहता है कंट्रोल, दिनचर्या में जरूर करें शामिल
सुखासन योग का अभ्यास
सुखासन योग, शरीर को आराम देने वाले कारगर योगाभ्यासों में से एक है। यह आसन तंत्रिका तंत्र पर काम करके उसकी क्रिया को नियंत्रित करने और उच्च रक्तचाप को कंट्रोल करने में आपकी मदद करती है। जिन लोगों को अक्सर रक्तचाप बढ़ने की समस्या रहती है उन्हें नियमित रूप से इस योग की आदत बनानी चाहिए। सुखासन योग रक्तचाप को कंट्रोल करने के साथ शरीर की मुद्रा में सुधार करने और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने में भी काफी सहायक अभ्यास है।
वज्रासन योग के अभ्यास से मिलेगा लाभ
रक्तचाप की समस्या को कंट्रोल करने के लिए वज्रासन योग भी काफी फायदेमंद अभ्यास माना जाता है। वज्रासन, मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग करने के साथ पैरों और जांघों की नसों को मजबूत करने और शरीर में रक्त परिसंचरण को सुधारने में काफी सहायक अभ्यास है। यह योग रक्त प्रवाह को ठीक रखने में भी मदद करता है जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित बना रहता है। हर आयु के लोग इसका आसानी से अभ्यास कर सकते हैं।
पश्चिमोत्तानासन से रक्तचाप में मिलता है लाभ
पश्चिमोत्तानासन या सीटेड फॉरवर्ड बेंड पोज का अभ्यास शरीर को कई तरह के लाभ प्रदान करने में सहायक है। यह आसन लिवर, किडनी, अंडाशय और गर्भाशय को स्वस्थ रखने के साथ पेट में फैटी को कम करने और रीढ़ की हड्डी की बेहतर स्ट्रेचिंग में आपके लिए सहायक है। तंत्रिका तंत्र को आराम दिलाने के साथ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित बनाए रखने के लिए रोजाना इस योग के अभ्यास की आदत बनाएं।
-------------------------
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।