शरीर के बेहतर फिटनेस के लिए हर उम्र के लोगों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ दिनचर्या में योग-व्यायाम को शामिल करने की सलाह देते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि हफ्ते में 150 मिनट तक के व्यायाम की आदत बनाकर कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि समय की कमी के कारण अक्सर लोगों के लिए रोजाना जिम जा पाना काफी कठिन टास्क होता है, ऐसे लोगों को घर पर रहकर ही योग के अभ्यास की सलाह दी जाती है। योग कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को कम करके शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने का सबसे कारगर साधन हो सकता है।
Yoga Tips: ओवरऑल फिटनेस के लिए इन योगासनों को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा, कई बीमारियां रहेंगी दूर
नौकासन योग की सभी बनाएं आदत
नौकासन योग के अभ्यास की आदत हर उम्र के लोग के लिए लाभकारी मानी जाती है। इसके लिए अपने पैरों को एक साथ जोड़कर पीठ के बल लेट जाएं। अपने हाथों को जांघों पर या जांघों के बगल में रखें। अब गहरी श्वास लेते हुए सिर और पैरों को फर्श से एक सीधी रेखा में 30 डिग्री के कोण पर उठाएं। पंजों को ऊपर की ओर रखें। यह आसन पेट की मांसपेशियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के साथ पाचन के लिए अच्छा है। पेट की चर्बी को कम करने और अग्नाश्य को उत्तेजित कर शुगर लेवल को ठीक रखने में भी इस अभ्यास के लाभ देखे गए हैं।
पश्चिमोत्नासन योग का करें अभ्यास
पश्चिमोत्नासन योग का अभ्यास काफी आसान और प्रभावी माना जाता है। इसके लिए पैरों को बिल्कल सीधा रखते हुए इसे नाक से छूने की कोशिश की जाती है। पश्चिमोत्तानासन योग काल्फ और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों को फैलाता है, जिससे रक्त का परिसंचरण बेहतर होता है। यह रीढ़ को स्ट्रेच करने और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने का भी अभ्यास है। पेट के अंगों को स्वस्थ रखने और इससे अतिरिक्त फैट को कम करने में पश्चिमोत्नासन योग के नियमित अभ्यास की आदत आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है।
प्लैंक पोज से लाभ
प्लैंक पोज रक्त के परिसंचरण को ठीक रखने के साथ पेट के अंगों के लिए काफी कारगर माना जाता है। इस अभ्यास के लिए पेट के बल लेट जाएं और कोहनियों को कंधों के नीचे लाएं। पुश-अप पोजीशन में आ जाएं और अपने फोरआर्म्स को जमीन पर रखें। गहरी श्वास लें और अपने हाथों और पैर की उंगलियों के सहारे शरीर को फर्श से ऊपर उठाएं। इसी मुद्रा में बने रहने की कोशिश करें। यह आसन कोर को मजबूत करने का एक शानदार तरीका है। यह पेट से फैट को कम करके आपके एब्स, बट और जांघों के लिए भी कारगर माना जाता है। इस योग के अभ्यास से संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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