लाइफस्टाइल की गड़बड़ी, विशेषतौर पर बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता के कारण पिछले कुछ वर्षों में गठिया या आर्थराइटिस की समस्या के शिकार लोगों के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। यहां तक कि अब कम उम्र वाले लोगों में भी गठिया की समस्या काफी तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है। हड्डियों की इस समस्या में रोगी के लिए चलना और सीढियां चढ़ना तक काफी मुश्किल हो जाता है, समय के साथ यह समस्या बढ़ती जा सकती है।
Yoga Tips: गठिया के लक्षणों से राहत के लिए बनाइए इन योगासनों की आदत, जटिलताओं से रहेंगे दूर
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वीरभद्रासन योग का अभ्यास है फायदेमंद
वीरभद्रासन, शरीर के अंगों की बेहतर स्ट्रेचिंग करने में आपके लिए काफी सहायक अभ्यास है। योग विशेषज्ञ बताते हैं, क्रोनिक ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों को भी कम करके यह योगासन बाहों, पीठ के निचले हिस्से और पैरों को मजबूत और टोन करता है। यह उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो डेस्क पर लंबे समय तक काम करते रहते हैं। शरीर की सहनशक्ति बढ़ाने के साथ संतुलन में सुधार करने में इस योग के विशेष लाभ हैं।
वृक्षासन योग
शरीर की मांसपेशियों में मजबूती और रक्त के संचार को बेहतर बनाए रखने के लिए वृक्षासन योग को विशेष फायदेमंद अभ्यास माना जाता है। इसका नियमित अभ्यास गठिया की समस्या से आपको लंबे समय तक सुरक्षित रखने में सहायक है। हालांकि जिन लोगों को गठिया की दिक्कत है उनके लिए वृक्षासन योग करना थोड़ा कठिन हो सकता है। यह रक्त परिसंचरण को बढ़ाने, शरीर के संतुलन में सुधार करने के साथ एकाग्रता बनाता है और फोकस विकसित करता है।
सेतुबंधासन योग के लाभ
सेतुबंधासन या ब्रिज पोज योग को भी गठिया की समस्याओं से बचाव के लिए काफी कारगर अभ्यास के तौर पर माना जाता है। यह योग मुद्रा रक्त परिसंचरण में सुधार करके गर्दन, रीढ़, छाती और कूल्हों की बेहतर स्ट्रेचिंग में मदद करती है। आर्थराइटिस के लक्षणों को भी कम करने के लिए यह योग काफी फायदेमंद माना जाता है। सेतुबंधासन योग के नियमित अभ्यास की आदत बनानी चाहिए।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।