World Hypertension Day 2023: ह्रदय रोगों के प्रमुख कारकों में से एक हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है। उच्च रक्तचाप के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उच्च रक्तचाप रोगियों को हृदय रोग व स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। हालांकि उच्च रक्तचाप की शुरुआती स्थिति का कोई खास लक्षण नजर नहीं आता है। लेकिन जीवनशैली में गलत आदतों के कारण हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति गंभीर होने लगती है। गड़बड़ लाइफस्टाइल, पौष्टिक आहार की पूर्ति न होने, धूम्रपान, मोटापा, तनाव या पारिवारिक इतिहास के कारण लोगों में हाइपरटेंशन की समस्या अधिक देखने को मिलती है।
World Hypertension Day: अक्सर बढ़ जाता है ब्लड प्रेशर? इन योगासनों के अभ्यास से मिलेगा लाभ
सुखासन योग
सुखासन योग का अभ्यास श्वास को नियंत्रित करता है और मन को स्थिर बनाने व रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक है। इस आसन से तनाव कम करके उच्च रक्तचाप से राहत मिलती है। इसके अलावा पीठ व गर्दन की स्ट्रेचिंग के साथ ही शरीर की मुद्रा में सुधार करने के लिए सुखासन के अभ्यास की आदत डालें। किसी भी आयु वर्ग के लोग इस योग का अभ्यास कर सकते हैं।
भुजंगासन या कोबरा पोज
उच्च रक्तचाप की समस्या से परेशान लोगों के लिए भुजंगासन का अभ्यास लाभकारी है। इस आसन से रक्त और ऑक्सीजन के संचार को बढ़ावा मिलता है, साथ ही तनाव से छुटकारा मिलता है। हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नियमित भुजंगासन का अभ्यास करें। अस्थमा के मरीजों की जटिलताओं को कम करने मे भी भुजंगासन असरदार है।
बालासन का अभ्यास
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बालासन का नियमित अभ्यास करना चाहिए। उच्च रक्तचाप के कारकों से राहत दिलाने में यह आसन असरदार है। बालासन के अभ्यास से तनाव कम होता है और पूरे शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार होता है।
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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