World Health Day 2023: पिछले एक महीनों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण स्थिति बिगड़ने लगी है। मार्च महीने तक कोरोना ने काफी तेजी से रफ्तार पकड़ ली है। वहीं आंकड़े बताते हैं कि मार्च में देश में संक्रमण के कारण मृत्यु के आंकड़ों में 114 फीसदी का वृद्धि हुई है। अब तक भारत समेत वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस के कई वैरिएंट देखने को मिले। देश में बढ़ रहे संक्रमण में ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट XBB.1.16 को कारण माना जा रहा है। इसके म्यूटेशन अन्य ओमिक्रॉन वैरिएंट्स से अधिक संक्रामकता वाले बताए जा रहे हैं। जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है या जो कोमोरबिडिटी के शिकार हैं, उन लोगों गंभीर रोग विकसित होने का खतरा भी हो सकता है।
World Health Day 2023: मजबूत इम्यूनिटी रोक सकती है कोरोना का खतरा, कोविड से बचाव के लिए करें ये योगासन
कपालभाति प्राणायाम
कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए इम्यूनिटी को बढ़ाने की जरूरत होती है। कपालभाति प्राणायाम लॉन्ग कोविड के जोखिमों को कम करने और इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए फायदेमंद आसन है। श्वसन पर आधारित यह योग शरीर में ऊर्जा के संचार को बढ़ावा देना है, साथ ही फेफड़े और हृदय के स्वास्थ्य में सुधार करने में काफी मदद करता है। संक्रमण के बाद शरीर के अंगों में होने वाली समस्याओं, थकावट और कमजोरी से तेज रिकवरी के लिए भी कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास करें।
मार्जरी आसन का अभ्यास
कोरोना संक्रमण के जोखिमों को कम करने के लिए दिनचर्या में मार्जरी आसन के अभ्यास को शामिल करें। इससे लाॅन्ग कोविड की समस्या में काफी राहत मिलती है। इस आसन के अभ्यास से पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग होती है और रीढ़ व पेट के अंगों से अतिरिक्त तनाव कम होता है। इस कारण रक्त संचार बढ़ता है। मार्जरी आसन पेट और पीट की समस्याओं को दूर करने और थकान को कम करने में भी सहायक है।
बटरफ्लाई पोज
इस आसन के नियमित अभ्यास से जांघों, कमर और घुटनों की बेहतर स्ट्रेचिंग होती है और शरीर में लचीलापन आता है। संक्रमण के कारण थकान या मांसपेशियों की सक्रियता में सुधार करने के लिए भी बटरफ्लाई पोज का अभ्यास कर सकते हैं। कोविड 19 के कारण शरीर में होने वाली तमाम जटिलताओं से आसानी से राहत पाने के लिए बटरफ्लाई पोज का अभ्यास करें।
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।