अगर आप योगा को अपनी जीवनशैली में शामिल करते हैं तो ये हाई बीपी, ह्रदय रोग, फेफड़े की बीमारी को ठीक करने के साथ पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है। योगा से अनिद्रा की समस्या दूर करके अवसाद से भी निजात दिलाता है। महिलाओं में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं, हार्मोनल समस्या, ब्रैस्ट कैंसर जैसी समस्याओं में राहत दिलाने के लिए योगा एक अहम भूमिका निभाता है। इसके लिए जरुरी है कि महिलाएं अपनी दिनचर्या में योगा को जरुर शामिल करें। आगे की स्लाइड्स में जानें योगा से महिलाओं को क्या फायदे हैं।
महिलाओं के लिए रामबाण है योग, इन गंभीर बीमारियों से रखता है दूर
एक शोध के मुताबिक महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा अवसाद और तनाव देखा गया है। एनजाइटी और स्ट्रैस एसोसिएशन ऑफ अमेरिका के शोध में यह बात सामने आई है कि योगा मस्तिष्क में गुड केमिकल का स्त्राव करता है जिससे दिमाग को तनाव और अवसाद से राहत मिलती है। योगा करने से सांस की समस्या भी नहीं होती है।
योगा की मदद से वजन को भी कम किया जा सकता है। नियमित योगा अभ्यास से मांसपेशीयां मजबूत होती हैं। ये आपके बॉडी पोश्चर को सही रखता है जिससे आपका आत्मविश्वास स्तर भी अच्छा रहता है। 2005 में 15 हजार लोगों पर हुए शोध में ये बात सामने आई कि वो लोग जो सप्ताह में एक बार भी योगा करते हैं उनमें चार साल में वजन बढ़ने की समस्या उन लोगों से कम है जो कभी नहीं या फिर बहुत कम योगा करते हैं।
महिलाओं में हार्मोंस के बदलाव से होने वाली समस्याएं आम है लेकिन इसे हल्के में लेना भी उचित नहीं है। मासिक धर्म के समय होने वाली समस्याएं जैसे अनियमित चक्र, पेट में होने वाली ऐंठन या मरोड़ और शरीर में एनर्जी की समस्या को दूर करने में योगा से काफी मदद मिलती है। मासिक घर्म के समय महिलाओं के शरीर में होने वाले परिवर्तन से योगा निजात दिलाता है। नियमित योग के अभ्यास से अनिद्रा, चिंता, अवसाद और मूड स्विंग होने वाली परेशानियों से राहत मिलती है।
2009 में की गई स्टडी से ये बात जाहिर होती है कि नियमित योगा अभ्यास से ब्रैस्ट कैंसर में सुधार होता है। 12 सप्ताह तक किए योगा अभ्यास के बाद ब्रैस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं में कमजोरी, थकान कम होने और स्वस्थ महसूस करने का अनुभव किया गया।