Winter Yoga Tips: सर्दियों में लोगों को कई तरह की बीमारी घेर लेती है, जिसमें सामान्य संक्रमण से लेकर श्वास संबंधी समस्या और हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ना सामान्य है। ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे घबराहट होने लगती है। साथ ही स्ट्रोक का खतरा भी पैदा हो जाता है। इसके अलावा जोड़ों में दर्द की परेशानी भी आम बात है। योगासनों के अभ्यास के जरिए इन सभी स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है, साथ ही कई बीमारियों के उपचार के रूप में भी योग प्रभावी है। योग के माध्यम से ठंड के मौसम में कई तरह के रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है। इस लेख में ऐसे ही योगासनों के बारे में बताया जा रहा है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, पेट साफ करने समेत कई स्वास्थ्य समस्याओं में असरदार हैं।
Winter Yoga Tips: इन योग से ठंड में पाएं कई तरह के रोगों से छुटकारा
योग के माध्यम से ठंड के मौसम में कई तरह के रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है। इस लेख में ऐसे ही योगासनों के बारे में बताया जा रहा है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, पेट साफ करने समेत कई स्वास्थ्य समस्याओं में असरदार हैं।
छाती में जमा कफ निकालने के लिए योग
सर्दियों में बुजुर्ग और बच्चे ही नहीं, युवा भी बुखार,जुकाम, दमा और खांसी के साथ अन्य संक्रमण का शिकार हो जाते हैं। ऐसी परेशानियों से निपटने के लिए पक्षी आसन और विमानासन का अभ्यास एक-एक मिनट तक करें। सुबह और शाम ये आसन करने से छाती में जमा कफ बाहर निकलता है और जुकाम, खांसी व दमा से राहत मिलती है।
हृदय शक्ति बढ़ाने के लिए योग
लंबे समय तक उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों के लिए स्ट्रोक और हृदयघात का खतरा बढ़ जाता है। भीषण ठंड में अचानक बीपी बढ़ने से घबराहट महसूस होने लगती है। इसके अलावा सर्दियों में ब्लड शुगर का स्तर भी बढ़ सकता है। हृदय संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए हृदय शक्ति सूक्ष्म क्रिया एक मिनट और उत्थितपदचालन दो मिनट तक सुबह और शाम कर सकते हैं। इससे हृदय को शक्ति मिलती है।
पेट और पाचन के लिए योग
आंतों में मल सूखने, पेट में दर्द और पतले दस्त लगने या एसिडिटी और भूख न लगने जैसी समस्याओं से दूर करने के लिए दो से तीन गिलास पानी पीएं। इसके बाद उदर संचालन की क्रिया दो से चार मिनट कर लेने से पेट साफ होता है। भूख लगती है और एसिडिटी खत्म हो जाती है।
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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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