भारत का हर तीसरा व्यक्ति थॉयराइड की बीमारी से जूझ रहा है। खासतौर पर महिलाएं इस बीमारी की ज्यादा शिकार होती हैं। यह बीमारी वजन बढ़ने , ज्वाइंट पेन, डिप्रेशन, हार्ट की बीमारी और हॉर्मोनल बदलाव के कारण होती है। इस बीमारी को खत्म करने के लिए केवल दवाइयां ही नहीं बल्कि कुछ और उपाय भी निकालने होंगे। थॉयराइड की बीमारी को खत्म करने का सबसे अच्छा उपाय योग है। कुछ ऐसे योगासन है जिन्हें करने से थॉयराइड की समस्या कम होती है। आइए जानते हैं कौन-से हैं यह आसन।
वो चार योगासन जिन्हें करने से थॉयराइड की बीमारी हो जाएगी दूर
उज्जायी प्राणाायाम
उज्जायी प्राणाायाम को तीन तरीकों से किया जाता है। आप इस प्राणायाम को खड़े होकर, बैठकर और लेटकर कर सकते हैं। इस प्राणायाम को करने के लिए सबसे पहले सीधा खड़े हो जाएं। ध्यान रहे कि आपकी दोनों एड़ियां सटी होनी चाहिए और पंजे फैले होने चाहिए। अब अपनी जीभ को थोड़ा सा बाहर निकाल लें। अब अपनी बाहर निकली जीभ के सहारे अंदर की सांस को बाहर निकाल लें। अब धीरे-धीरे गहरी सांस लें और ज्यादा देर तक सांस को अंदर रखने की कोशिश करें। अब अपने शरीर को ढ़ीला छोड़े और सांस को धीरे-धीरे बाहर निकाल लें। इस आसन को दिन में सिर्फ एक ही बार करें। ऐसे ही आप इस आसन को बैठ कर भी कर सकते हैं।
सिंहासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं। कोशिश करें कि आपके घुटनों की दूर अधिक हो। इसके बाद अपने दोनों हाथों को घुटने के बीच रख लें। अब अपने दोनों हाथों के सहारे आगे झुके और अपने सर पीछे रखकर अपनी जीभ को बाहर निकाल लें। अब अपनी आंखो का ध्यान अपने माथे के बीच में कर लें । अब नाक से सांस लेना शुरू कर दें। आखिर में आप केवल व्रजासन में बैठ जाएं और पांच मिनट तक सांस लेते और छोड़ते रहे।
कपालभाती प्रणायाम
कपालभाती आसन के अनेक फायदे हैं। इस आसन को करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन अवस्था में बैठ जाएं। अब अपनी सांसों को बाहर छोड़ें और अपने पेट को अंदर की तरफ करने के कोशिश करें और फिर ज्यादा से ज्यादा सांस बाहर निकालें। इस आसन को आप रोज़ाना आधे घंटे तक कर सकते हैं। इस आसन को करने से बालों और दांतो के रोग भी दूर होते हैं।
ग्रीवा संचालन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप जमीन पर बैठ जाएं। इसके बाद अपने गले को चुस्त कर लें और फिर गोल-गोल घुमाएं।