Yoga For Sadness And Anxiety: क्या आप अक्सर बिना वजह उदास महसूस करते हैं? हर चीज होते हुए भी मन खाली सा लगता है? तो इसे सिर्फ 'मूड स्विंग' कहकर न टालें। बार-बार उदासी, मन का थक जाना, या खालीपन का एहसास, ये सब किसी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या के संकेत हो सकते हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में डिप्रेशन, एंग्जायटी और इमोशनल थकावट आम होती जा रही है, लेकिन इसका इलाज हमारे भीतर ही योग और प्राणायाम में छिपा है।
Yoga Tips: बार-बार उदास रहना नजरअंदाज न करें, हो सकती है गंभीर बीमारी, जानिए योग से इलाज
Yoga For Sadness And Anxiety: योग न सिर्फ शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि यह मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे हैप्पी हार्मोन को भी संतुलित करता है। यहां उदासी और मानसिक थकान से राहत देने वाले योग बताए जा रहे हैं।
भस्त्रिका प्राणायाम
दिल को मजबूत बनाने, फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने और ऑक्सीजन का फ्लो भी बढ़ाने में भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास असरदार है। यह आसन तनाव और चिंता के प्रभावों का कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। अभ्यास के लिए रोजाना सुबह तीन या पांच मिनट नाक से गहरी और तेज सांस लें और छोड़ें।
अनुलोम विलोम
यह ब्रीदिंग टेक्निक आपको मानसिक स्थिरता और भावनात्मक संतुलन प्रदान करती है। अनुलोम विलोम प्राणायाम के अभ्यास से मानसिक तनाव और चिंता में राहत मिलती है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है।
बालासन
बालासन एक आरामदायक योगासन है जो शरीर और मन दोनों को शांत करने में मदद करता है। यह तनाव और चिंता को कम करके, पीठ दर्द से राहत दिलाने, पाचन में सुधार करने और शरीर को आराम देने में सहायक है। बालासन का अभ्यास मानसिक तनाव कम करता और आपके भीतर के डर और असुरक्षा की भावना को शांत करता है।
शवासन
इस आसन के अभ्यास से तनाव और बेचैनी से राहत मिलती है। यह विश्राम आसन मानसिक थकान को दूर करता है और आपको आंतरिक शांति देता है। इस आसन के अभ्यास से मस्तिष्क शांत और तनाव व हल्के अवसाद से राहत पाने में मदद मिलती है। शवासन पूरे शरीर को आराम देता है। इस आसन से सिरदर्द, थकान और अनिद्रा की शिकायत को दूर किया जा सकता है। शवासन रक्तचाप कम करने में मदद करता है।
--------------------------
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।