World Mental Health Day Yoga Tips: हाल के दिनों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। कोरोना काल में लोग बड़ी संख्या में अवसाद और तनाव की समस्या से ग्रसित हुए। कोविड के दौर में लॉकडाउन लगने के बाद लोग अपने घरों में बंद हो गए। लंबे समय तक वर्क फ्रॉम होम का कल्चर अपनाया। हालांकि अब कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद जब लोग स्कूल-कॉलेज और दफ्तर की ओर दोबारा लौटे हैं तो उनकी एकाग्रता और ध्यान में कई आई है। लंबे समय बाद दफ्तर जाने वाले लोगों में एकाग्रता की कमी के कारण काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसी तरह के कई अन्य लक्षण दिखने पर मानसिक सेहत के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल दुनियाभर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। अगर आपका भी पढ़ाई या काम में मन नहीं लगता और एकाग्र मन की जरूरत महसूस होती है तो कुछ योगासनों का अभ्यास लाभकारी हो सकता है। योग मानसिक शांति और एकाग्रता को बढ़ावा देने के लिए कारगर तरीका है। हर दिन सुबह उठने के तुरंत बाद कुछ योगासनों के अभ्यास की आदत डालें। योग आपके शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रख सकते हैं। ये रहे एकाग्रता बढ़ाने और मन व मस्तिष्क को शांत रखने वाले योगासन।
Yoga Tips: नहीं लगता पढ़ाई या काम में मन, तो नियमित करें इन योगासनों का अभ्यास
शीर्षासन योग
मस्तिष्क को शांत और सेहतमंद रखने के लिए शीर्षासन योग का अभ्यास सबसे बेहतर माना जाता है। इस योगासन के अभ्यास से थायराइड और पैरा थायराइड ग्रंथियों के कामकाज में सुधार होता है। पढ़ाई में बच्चों का मन नहीं लगता हो या वह पढ़ाई के प्रति ध्यान नहीं लगा पाते हों तो उन्हें प्रतिदिन शीर्षासन का अभ्यास करना चाहिए। इस योग के अभ्यास की आदत मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है।
प्राणायाम
बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से प्राणायाम का अभ्यास करना लाभकारी है। प्राणायाम के कई प्रकार को आप अपना सकते हैं, इसमें भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास की आदत डालना सबसे बेहतर रहेगा। इस योगासन के अभ्यास से एकाग्रता में सुधार होने के साथ ही क्रोध, उत्तेजना, चिंता, निराशा और तनाव जैसी नकारात्मक भावनाएं दूर हो सकती हैं।
पश्चिमोत्तानासन योग
रोजाना सुबह पश्चिमोत्तानासन योग का अभ्यास शारीरिक और मानसिक दोनों की सेहत को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है। इस योग में रीढ़ की हड्डी की स्ट्रेचिंग होती है, जिससे पीठ-कमर के दर्द में राहत मिलती है। साथ ही मस्तिष्क शांत रहता है। ध्यान व एकाग्रता में सुधार होने से आंतरिक ऊर्जा बढ़ती है।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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