स्वस्थ रहने के लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने को विशेषज्ञ सबसे कारगर तरीकों में से एक मानते हैं। योगासन शारीरिक सक्रियता को बढ़ाने के साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित कई तरह की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम करने में विशेष लाभप्रद माने जाते हैं। पर भागदौड़ की दुनिया में समय के अभाव के कारण अक्सर कुछ लोगों के लिए योगासनों के लिए भी वक्त निकाल पाना कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ उन अभ्यास को करने की सलाह देते हैं जिन्हें आप कहीं भी आसानी से करके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। गहरी सांस वाले अभ्यास ऐसे ही आपके लिए बेहद फायदेमंद योगासन हैं।
Yoga Tips: दिनचर्या में सिर्फ गहरी सांस वाले अभ्यास को ही शामिल करके पा सकते हैं गजब के स्वास्थ्य लाभ, जानिए इसके फायदे
गहरी सांस वाले अभ्यास शरीर को देते हैं आराम
जब आप तनाव में होते हैं, तो आपका सहानुभूतिक तंत्रिका तंत्र उत्तेजित होता है। इस स्थिति में तनाव से संबंधित लक्षणों है जैसे तेज सांस लेना, हृदय गति में वृद्धि, चिड़चिड़ापन, रक्तचाप बढ़ने, चिंता जैसी दिक्कतों का एहसास हो सकता है। धीमी गति से गहरी सांस लेने की आदत आपके तंत्रिका तंत्र को आराम देने के साथ शरीर को शांत रखने में मदद कर सकती है। शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की सेहत पर इसके गजब के लाभ देखे गए हैं।
मानसिक स्वास्थ्य के लाभ
गहरी सांस लेना तनाव को कम करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। यह अभ्यास चिंता और पोस्ट-ट्रॉमटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर यानी पीटीएसडी जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को कम करने का भी अच्छा तरीका हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए यह अभ्यास आपके लिए काफी कारगर साबित हो सकते हैं। मन शांत रहने का सीधा असर सकारात्मक रूप से आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी देखा जा सकता है।
शारीरिक ऊर्जा को मिलता है बढ़ावा
विशेषज्ञ कहते हैं कि आपके सांस लेने का तरीका सेहत को प्रभावित कर सकता है। उचित रूप से गहरी सांस लेने से आपके रक्त में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को संतुलित करने में मदद मिलती है। यह शरीर के ऊर्जा के स्तर और मानसिक सतर्कता के लिए महत्वपूर्ण है। जो लोग नियमित रूप से गहरी सांस लेने वाले अभ्यास करते रहते हैं उनमें शारीरिक ऊर्जा में कमी, थकावट और कमजोरी जैसी दिक्कतों का जोखिम कम होता है। इस योगाभ्यास की रोजाना आदत बनाएं।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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