कोरोना वायरस के बढ़ रहे लगातार मामलों ने दुनिया भर में दहशत पैदा कर दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इससे बचनेके लिए सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए कह रहे हैं। लेकिन कोरोना से जुड़ी खबर जिस तरह से सुर्खियाां बनती जा रही है, ऐसे में कई लोग तनाव महसूस कर रहे हैं। साथ ही इस वायरस से जुड़ी कुछ अपवाहों ने भी लोगों में डर का माहौल बना दिया है। ऐसे में सबसे जरूरी बात ये है कि तनाव को कम किया जाए। योग ही एकमात्र ऐसा साधन है जो शरीर और मस्तिष्क दोनों में तनाव कम कर सकता है। तो आइए जानते हैं कुछयोगासन के बारे में, जो आपको शांत करने में मदद करेंगे।
कोरोना वायरस के टेंशन को दूर कर देंगे ये 2 योगासन, घर में ही करें अभ्यास
ईगल पोज (गरुड़ासन)
दिमाग को एक बिंदु पर केंद्रित करते हुए तनाव को कम करने के लिए ईगल पोज बहुत ही कारगर तरीका है। साथ ही यह कूल्हों और कंधों में जकड़न कम करने में मदद करता है, जिससे तनाव में कमी आती है। लॉकडाउन के वजह से वर्क फॉर्म होम कर रहे लोगों के लिए एक बेहद अच्छा योग है। कूल्हों और कंधों के दर्द को ठीक करते हुए यह दिमाग को भी शांत करता है। आइए जानते हैं अभ्यास का तरीका...
ईगल पोज (गरुड़ासन) का तरीका
- किसी समतल जगह पर सीधे खड़े हो जाएं।
- धीरे-धीरे दाएं घुटने को नीचे की तरफ झुकाएं।
- बाएं पैर को दाएं पैर के चारों तरफ लपेटने की कोशिश करें।
- पैरों की एड़ियां एक-दूसरे के ऊपर आ जाएंगी।
- दोनों हाथों को कंधे की ऊंचाई तक उठाएं।
- दाएं हाथ को बाएं के चारों तरफ लपेट दें।
- इस दौरान आपकी कोहनियां 90 डिग्री के कोण पर मुड़ी हुई रहेंगी।
- बैलेंस बनाते हुए हिप्स को धीरे-धीरे नीचे की तरफ लाएं।
- 15-30 सेकेंड के लिए इसी स्थिति में रहें।
- सांस गहरी और धीमी गति से लेते और छोड़ते रहें।
- आंखें बंद करके तीसरी आंख पर फोकस करने की कोशिश करें।
- निगेटिव ख्यालों को अपने मन से दूर फेंकने बात बार-बार मन में कहें।
- धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आएं।
रेकल्ड बाउंड एंगल पोज (सुप्त कोनसाना)
यह मुद्रा जांघों, कमर और कूल्हों को फैलने में मदद करता है। एक स्थान पर बैठे रहने के वजह से हमें मानसिक और शारीरिक तनाव दोनों हो जाता है। ऐसे में सुप्त कोनसाना बहुत मददगार होगा। यह मुद्रा हिप्स एवं पेडु में मौजूद तनाव को दूर करता है। इस मुद्रा को आप काम के बीच में भी कर सकते हैं। इसे करने से पैर क दर्द और थकान दूर होते हैं और जांघो को आराम मिलता है।
ऐसे करें अभ्यास
- शवासन की मुद्रा में पीठ के बल लेट जाएं।
- बांहों को शरीर के दोनों तरफ पैर की दिशा में फैलाकर रखें और इस स्थिति में हथेलियां छत की दिशा में रहनी चाहिए।
- घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन से लगाकर रखें।
- दोनों तलवों को नमस्कार की मुद्रा में एक दूसरे के करीब लाकर जमीन से लगाएं।
- जितना संभव हो ऐड़ियों को जंघा की ओर करीब लाएं।
- फिर इस मुद्रा में 30 सेकेण्ड से 1 मिनट तक बने रहें और फिर हाथों से दोनो जंघा को दबाएं।
- फिर धीर धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं।