Benefits Of Uttanasana: उत्तानासन योग पूरे शरीर को अच्छी स्ट्रेच देता है और दिमाग में ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाने में मदद करता है। इस आसन को अंग्रेजी में Standing Forward bend Pose या Intense Stretch Pose भी कहते हैं।उत्तानासन संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ जोर से खिंचाव/ स्ट्रेचिंग करने वाला आसन है। इस आसन के अभ्यास से शरीर को गजब के फायदे मिलते हैं।
Uttanasana: उत्तानासन करने के फायदे, जानिए इस योग के अभ्यास का सही तरीका और सावधानियां
इस आसन को करने के लिए 15-30 सेकंड के बीच की अवधि होनी चाहिए। इस लेख के माध्यम से जानिए उत्तानासन के फायदे और इसके अभ्यास का सही तरीका।
उत्तानासन के अभ्यास के फायदे
- उत्तानासन के अभ्यास से पिंडली, जांघ, पीठ, कमर और कूल्हे मजबूत होते हैं। मांसपेशियों में होने वाले दर्द और अन्य समस्याएं कम हो सकती हैं।
- इस योग के नियमित अभ्यास से मस्तिष्क को शक्ति मिलती है, दिमाग शांत रहता है और तनाव से दूर रह सकते हैं।
- सिर दर्द और अनिद्रा की समस्या में भी उत्तानासन का अभ्यास असरदार है।
- पाचन संबंधी समस्याओं और एब्स को टोन करने में उत्तानासन का अभ्यास कर सकते हैं।
- आसन के अभ्यास के लिए नीचे की ओर झुकते हैं जिससे जांघों और घुटनों में मजबूती आती है।
- हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा, साइनोसाइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या में इस योग के अभ्यास से राहत मिलती है।
स्टेप 1- योग मैट पर सीधे खड़े होकर दोनों हाथों को हिप्स पर रखें।
स्टेप 2- अब सांस अंदर खींचते हुए कमर को मोड़ते हुए आगे की ओर झुकें।
स्टेप 3- फिर हाथों से टखने को पीछे की ओर पकड़ते हुए पैर सीधी रेखा में रखें।
स्टेप 4- इस दौरान सीना पैर के ऊपर छूता रहेगा।
स्टेप 5- अब जांघों को भीतर की ओर दबाने का प्रयास करें और शरीर को एड़ी के बल स्थिर करें।
स्टेप 6- सिर को नीचे की तरफ झुकाएं और टांगों के बीच से झांककर देखें।
स्टेप 7- इस मुद्रा में 15-30 सेकेंड तक रहें और धीरे धीरे प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।
स्टेप 8- सांस को भीतर की ओर खींचते हुए हाथों को हिप्स पर रखें।
स्टेप 9- धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठें और सामान्य होकर खड़े हो जाएं।
अभ्यास के दौरान सावधानियां
- अगर पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी हो तो यह अभ्यास न करें।
- हैमस्ट्रिंग में खिंचाव और पैर की मांसपेशियों में दर्द होने पर भी इस अभ्यास को न करें।
- साइटिका की समस्या में इस आसन से दर्द बढ़ सकता है
- रीढ़ की हड्डी में दर्द होने पर उत्तानासन के अभ्यास से बचें।
- संतुलन बनाने में समस्या होने पर दीवार का सहारा ले सकते हैं।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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