महिलाओं में माहवारी के दौरान दर्द और तकलीफ होना आम बात है। कुछ के लिए तो यह बेहद दर्दनाक होता है। जिसके लिए उन्हें दवाईयों तक का सहारा लेना पड़ जाता है। लेकिन अगर योग का नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो महिलाओंं को मासिक धर्म के दौरान होने वाली बहुत सी तकलीफ में आराम मिल जाएगा। योग में बद्धकोणासन करने से माहवारी की समस्याओं से राहत मिल सकती है। तो चलिए जानें इस बद्धकोणासन को करने का तरीका।
{"_id":"5dd6174f8ebc3e550115eadf","slug":"baddha-konasana-is-effective-in-woman-s-problem","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"महिलाओं की हर तकलीफ का रामबाण इलाज है बद्धकोणासन, जानें इसे करने का तरीका","category":{"title":"Yoga and Health","title_hn":"योग","slug":"yoga-and-health"}}
महिलाओं की हर तकलीफ का रामबाण इलाज है बद्धकोणासन, जानें इसे करने का तरीका
Thu, 21 Nov 2019 10:28 AM IST
अपराजिता शुक्ला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Thu, 21 Nov 2019 10:28 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : pixabay
- फोटो : social media
बद्धकोणासन/तितली आसन कैसे करें
बद्धकोणासन करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों को फैलाकर सीधे बैठ जाएं। अब अपने दोनों पैरों को अंदर की ओर मोड़ लें। ध्यान रहे कि आपके दोनों तलवे एक-दूसरे को छूने चाहिए। अब अपने दोनों हाथों से अपने दोनों तलवों को पकड़ लें।
- फोटो : social media
कोशिश करें कि आपकी एड़िया आपके जननांगों के करीब हो। अब इस अवस्था में लंबी गहरी सांस लें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए अपने घुटनों और जांघो को जमीन की तरफ दबाएं। अब तितली की तरह अपने पैरों को ऊपर-नीचे हिलाने की कोशिश करें। धीरे-धीरे करके अपनी गति बढ़ाते जाएं। इस पूरी प्रक्रिया में सांस लेते रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
- फोटो : social media
बद्धकोणासन/तितली आसन करने के लाभ
इस आसन को करने से प्रसव आसानी से हो जाता है।
बद्धकोणासन मासिक धर्म के दौरान होने वाली असुविधा को कम करता है।
यह आसन रजोनिवृति के लक्षणों में भी आराम दिलाने में सहायक है।
इस आसन का प्रभाव जांघो और घुटनों पर पड़ता है जिसके कारण श्रोणि एवं कूल्हों में लचीलापन आने लगता है।
इस आसन को करने से प्रसव आसानी से हो जाता है।
बद्धकोणासन मासिक धर्म के दौरान होने वाली असुविधा को कम करता है।
यह आसन रजोनिवृति के लक्षणों में भी आराम दिलाने में सहायक है।
इस आसन का प्रभाव जांघो और घुटनों पर पड़ता है जिसके कारण श्रोणि एवं कूल्हों में लचीलापन आने लगता है।
ज्यादा देर चलने की वजह से होने वाली थकान दूर करता है।