योग एक तरह से सहज और लो इंपेक्ट वाला एक्सरसाइज है, जो हमारे सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाता है। इसके नियमित अभ्यास से तनाव में कमी आती है, शरीर में लचीलापन रहता है और शरीर को आराम मिलता है। हालांकि दूसरे वर्कआउट की तरह योग के अभ्यास में भी बॉडी पोस्चर ठीक रहना बहुत जरूरी है नहीं तो आप चोटिल हो सकते हैं। योग के दौरान छोटी सी भी गलती आपको ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। आज हम आपको कुछ ऐसे योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके अभ्यास के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं इन योगासनों के बारे में विस्तार से...
इन 5 योगासन के अभ्यास के दौरान बरतें विशेष सावधानियां, नहीं तो हो सकते हैं गंभीर रूप से चोटिल
सर्वांगासन
सर्वांगासन करते वक्त लापरवाही आपकी रीढ़ और गर्दन में परेशान का सबब बन सकती है। यह एक अस्थिर मुद्रा है और हमारा शरीर ऐसी स्थितियों में जाने से परिचित नहीं होता है। जो लोग पहली बार इस योग मुद्रा को करने जा रहे हैं उन्हें बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। इसकी जटिल प्रक्रिया के कारण कई योग गुरु इस मुद्रा को नहीं सिखाते हैं।
शीर्षासन
संवेदनशील गर्दन वाले लोगों के लिए शीर्षासन का अभ्यास सबसे खराब आसन है और इसे करने से उनकी रीढ़ में मौजूद दर्द और बढ़ सकता है। अगर आपका पोश्चर सही नहीं होगा तो आप इस योगासन को करते वक्त चोट का शिकार हो सकते हैं। साथ ही अगर आप शरीर का सही संतुलन नहीं बना पाए तो आप इस योगासन को करते वक्त चोट के शिकार हो सकते हैं। सुरक्षा के लिहाज से आप इस योगासन का अभ्यास दीवार के पास करें।
सुप्तवीरासन
सुप्तवीरासन आपके कूल्हों और पैरों को सामने के लिए खोलने के लिए उत्कृष्ट माना जाता है। लेकिन घुटने और टखने की चोट से पीड़ित लोगों को इस योग मुद्रा से बचना चाहिए। अपनी सुरक्षा के लिए, योग मैट के बजाय एक नरम कंबल का उपयोग करें।
चतुरंग दंडासन
चतुरंग दंडासन को बेहद सटीक तरीके से न किया जाए तो बहुत नुकसान हो सकता है। इस आसन में आना आपके रोटेटर कफ के लिए भी ठीक नहीं है। इस मुद्रा को बार-बार गलत तरीके से करने से और अधिक नुकसान होता है।