निर्भया के गुनाहगारों का डेथ वारंट निकलने के बाद जेल प्रशासन ने रविवार को डमी के साथ फांसी देने का अभ्यास किया। दो जगहों पर तैयार की गई चार तख्ती पर अब तक तीन बार डमी से अभ्यास किया जा चुका है। पूरी प्रक्रिया होने के बाद इस बाबत एक रिपोर्ट भी तैयार की गई है, जिससे वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
निर्भया केसः ईंट की गर्दन और बोरी में रेत भरकर बनाई गई डमी, एक घंटे तक लटकाई गई
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जेल सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में अगर फांसी घर में किसी तरह की मरम्मत का काम करवाने की बात आती है तो इससे लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इससे सूचित किया जाएगा। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार जेल नंबर तीन में अलग-अलग जगहों पर बने चार तख्ती पर इसका ट्रायल किया गया। ट्रायल शुरू होने से पहले चारों दोषियों के वजन के हिसाब से चार डमी तैयार किए गए।
ईंट का गर्दन और बोरी में रेत और पत्थर भरकर डमी तैयार किया गया। उसके बाद जिस रस्सी से दोषियों को फांसी दी जाएगी। उस रस्सी का इस्तेमाल फंदे के तौर पर किया गया। डमी को करीब एक घंटे तक लटकाए रखा गया। जेल सूत्रों का कहना है कि ट्रायल के दौरान किसी तरह की कोई मुश्किल सामने नहीं आई।
जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि डेथ वारंट जारी होने के बाद जेल मैनुअल के मुताबिक सारी प्रक्रिया होती है। जिसमें सबसे अहम फांसी का ट्रायल करना होता है। इसमें एक एक बारिकियों को देखा जाता है। ताकि फांसी वाले दिन किसी भी तरह की कोई समस्या न हो सके। गौरतलब है कि तिहाड़ जेल में अफजल को फांसी देने के दौरान ट्रायल करने पर रस्सी कई बार टूट गई थी। जिसको लेकर एहतियात बरती जा रही है।
इससे पहले डमी से फांसी का अभ्यास करने से पहले शनिवार को जेल प्रशासन ने चारों दोषियों के गले का नाप ले लिया था। साइज के हिसाब से जेल प्रशासन फांसी का फंदा तैयार करेगा। इस दौरान चारों दोषियों की लंबाई मापी गई और वजन भी लिया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान चारों गुनहगार फूट-फूट कर रोते रहे।