World Blood Donor Day 2023: रक्त के बिना शरीर हाड़-मांस का ढांचा है। शरीर के सुचारू संचालन के लिए खून की आवश्यकता होती है। खून की कमी से व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ सकता है। खून की जरूरत होने पर अगर समय से रक्त की पूर्ति न की जाए तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है। खून की कमी को पूरा करके जीवन की रक्षा रक्तदान के जरिए की जा सकती है। इस कारण लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक किया जाता है, ताकि एक स्वस्थ व्यक्ति जरूरतमंद को रक्तदान कर सके और एक जीवन बचा सके। रक्तदान को बढ़ावा देने और रक्तदाता का आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर दुनियाभर के लोगों को जरूरतमंदों को खून उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि खून की कमी से किसी मरीज की जान न जाए। आइए जानते हैं रक्तदाता दिवस कब और कैसे मनाने की शुरुआत हुई।
World Blood Donor Day 2023: 14 जून को है विश्व रक्तदाता दिवस, कैसे हुई इस दिन को मनाने की शुरुआत, जानें इतिहास
कब मनाया जाता है विश्व रक्तदाता दिवस ?
प्रतिवर्ष 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। रक्तदाता वह व्यक्ति है जो अपना खून किसी जरूरतमंद के लिए दान करता है।
कब हुई रक्तदाता दिवस मनाने की शुरुआत?
रक्तदाता दिवस मनाने की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2004 में की थी। तब से हर साल 14 जून को रक्तदाता दिवस मनाया जाने लगा।
14 जून को ही क्यों मनाते हैं रक्तदाता दिवस
इस दिन को 14 जून को मनाने का खास कारण है। वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर ने ब्लड ग्रुप सिस्टम की खोज की थी। उनके इस योगदान के लिए 1930 में कार्ल लैंडस्टीनर को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। रक्तदाता दिवस वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर को समर्पित हैं, जिनका जन्मदिन 14 जून को होता है।
विश्व रक्तदाता दिवस की थीम
हर वर्ष रक्तदाता दिवस की एक खास थीम होती है। इस साल विश्व रक्तदाता दिवस 2023 की थीम है 'रक्त दो, प्लाज्मा दो, जीवन साझा करो, अक्सर साझा करो' (Give blood, give plasma, share life, share often.)