आज के दौर में गुलाबी रंग को नारीत्व का प्रतीक माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय था जब यह रंग पुरुषों की पहचान हुआ करता था? रंगों को लेकर समाज की सोच समय के साथ बदलती रही है, और गुलाबी भी इस बदलाव का एक अनूठा उदाहरण है। आइए जानें, कैसे गुलाबी पुरुषों से महिलाओं का रंग बन गया।
Women's Day 2025: जब गुलाबी था पुरुषों का रंग, फिर कैसे हुआ सिर्फ महिलाओं के नाम, जानें दिलचस्प इतिहास
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Fri, 07 Mar 2025 10:02 AM IST
सार
Pink Color History: आज के दौर में पारंपरिक धारणाएं टूट रही हैं। फैशन इंडस्ट्री और पॉप कल्चर में गुलाबी रंग फिर से अपनी सीमाएं लांघ रहा है। अब यह सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुरुष भी इसे आत्मविश्वास के साथ अपना रहे हैं। सेलिब्रिटीज, डिजाइनर्स और ब्रांड्स "जेंडर न्यूट्रल" फैशन को बढ़ावा दे रहे हैं।
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