भारत में विविधताओं की भरमार है। पूरे भारत में आपको एक से बढ़कर एक नजारें देखने को मिलेंगे। अगर सैर करना आपका पैशन है तो आज हम आपको ऐसी ही अद्भुत जगह के बारे में बताने जा रहें हैं जहां पर समुद्र की लहरें झुलती हुई नजर आएंगी। जी हां इस अद्भुत नजारे को देखना है तो जाइए ट्रांक्यूबर। तमिलनाडु के इस छोटे से शहर का इतिहास बहुत पुराना है। यहां पर डेनमार्क की सभ्यता के अवशेष नजर आते हैं। अगर आप किसी नई जगह की तलाश में हैं जहां अपने पार्टनर के साथ कुछ नया देखने की चाह रखते हैं तो एक बार ट्रैंक्यूबर की सैर पर जरूर जाएं। इस जगह को स्थानीय लोग थारंगंबदी के नाम से पुकारते हैं, जिसका मतलब है "झूलती लहरों की जमीन।" अगर आप पांडिचेरी जा रहें हैं तो एक दिन में इस जगह की सैर की जा सकती है। आगे की स्लाइड में जाने और क्या है यहां घूमने के लिए।
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भारत में यहां दिखती हैं झूलती हुई लहरें, पार्टनर संग जरूर करें यात्रा
Sat, 03 Aug 2019 01:31 PM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Sat, 03 Aug 2019 01:31 PM IST
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डैंसबोर्ग किला
भारत में डेनिश वास्तुकला का यह अनोखा उदाहरण है। इस किले का निर्माण 1620 ई. में किया गया है। इसे किले को बाद में 1845 में ब्रिटिश कंपनी को बेच दिया गया था। डेनमार्क के लोगों के भारत आगमन का यह एक उदाहरण अब म्यजियम के रुप में बदल दिया गया है।
भारत में डेनिश वास्तुकला का यह अनोखा उदाहरण है। इस किले का निर्माण 1620 ई. में किया गया है। इसे किले को बाद में 1845 में ब्रिटिश कंपनी को बेच दिया गया था। डेनमार्क के लोगों के भारत आगमन का यह एक उदाहरण अब म्यजियम के रुप में बदल दिया गया है।
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मासीलमानिसवारा मंदिर
इस मंदिर का निर्माण पांड्य राजाओं द्वारा किया गया था। लेकिन अब यह मंदिर समुद्र के बढ़ते स्तर के कारण खतरे में है। ये मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
इस मंदिर का निर्माण पांड्य राजाओं द्वारा किया गया था। लेकिन अब यह मंदिर समुद्र के बढ़ते स्तर के कारण खतरे में है। ये मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
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न्यू येरुशलम चर्च
अगर आप ट्रांक्यूबर गए हैं तो आपको निराश नहीं होना पड़ेगा। यहां पर खूबसूरत नजारों के साथ ही ऐतिहासिक और आस्था से जुड़े हुए मंदिर और चर्च नजर आएंगे। भारतीय और यूरोपियन वास्तुकला का उदाहरण न्यू येरुशलम चर्च देखने में बहुत ही सुंदर है। इस चर्च का निर्माण करने वाले लुथेरान मिशनरी वाले थे। जो तमिल के पहले ट्रांसलेटर थे।
अगर आप ट्रांक्यूबर गए हैं तो आपको निराश नहीं होना पड़ेगा। यहां पर खूबसूरत नजारों के साथ ही ऐतिहासिक और आस्था से जुड़े हुए मंदिर और चर्च नजर आएंगे। भारतीय और यूरोपियन वास्तुकला का उदाहरण न्यू येरुशलम चर्च देखने में बहुत ही सुंदर है। इस चर्च का निर्माण करने वाले लुथेरान मिशनरी वाले थे। जो तमिल के पहले ट्रांसलेटर थे।