अगर आप को लगता है कि आपके शहर में बहुत ठंड पड़ती है तो एक बार इस शहर की यात्रा पर जरूर जाएं। यहां का सर्द मौसम आपके खून को जमाने के लिए पर्याप्त है। लेह की ऊंचे पहाड़ों से भी ज्यादा ठंडे इस छोटे से कस्बे के बारे में आइए जानें ऐसी ही कुछ दिलचस्प बातें और क्यों आपको इस जगह की सैर करनी चाहिए।
दुनिया के सबसे ठंडे शहरों में शामिल हैं भारत का ये शहर
जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में बसा है एक छोटा सा कस्बा द्रास। इस जगह के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। लेकिन ये कस्बा द्रास, पूरी दुनिया के सबसे ठंडे शहर ओइमाकॉन जो कि रूस का एक छोटा सा गांव है के बाद दूसरे नंबर पर है। द्रास में तापमान -20 डिग्री तक पहुंच जाता है जो दिमाग की नसें तक जमाने के लिए पर्याप्त है।
द्रास को गेटवे ऑफ लद्दाख भी कहते हैं। यहां पर बहुत सारे होटल हैं जिनमें रुकने की पूरी व्यवस्था है। लेकिन ज्यादातर सैलानी यहां रात में नहीं रुकना चाहते हैं क्योंकि यहां पर रातें बेहद सर्द होती हैं। सितंबर से लेकर अक्टूबर के बीच द्रास का तापमान 23 डिग्री के आसपास रहता है। इस मौसम में आप यहां की सैर कर सकते हैं।
इस जगह के प्रसिद्ध होने की एक वजह यहां पर बना कारगिल वॉर मेमोरियल भी है जिसे द्रास वॉर मेमोरियल के नाम से भी जाना जाता है। इस स्थल का निर्माण तोलोलिंग पहाड़ी की तलहटी में इंडियन आर्मी ने बनवाया है। 1999 में बने इस मेमोरियल का उद्देश्य भारत-पाक कारगिल युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में बनाया गया है।
यहां पर सैर के लिए आने वाले सैलानियों के लिए घूमने के लिए कम जगह नहीं है। कारगिल वॉर मेमोरियल के साथ यहां पर बना है जोजिला दर्रा। जहां पर जाने के लिए बहुत से साहसी यात्री आते हैं। लद्दाख को कश्मीर से जोड़ने वाले इस दर्रे के रास्तों का आनंद और रोमांच उठाने बहुत से यात्री आते हैं।