शारदीय नवरात्रि का पर्व 15 अक्तूबर, रविवार से शुरू हो चुका है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करने से इसका विशेष लाभ मिलता है। नवरात्रि में मां के दर्शन का भी विशेष महत्व है तो क्यों न इस बार मां के शक्तिपीठों की यात्रा की प्लानिंग कर ली जाए? अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं तो यहां मां के पांच शक्तिपीठ हैं, जिनके दर्शन की योजना इस बार के नवरात्रि में बना सकते हैं।
Navratri 2023: यूपी में स्थित हैं देवी के ये शक्तिपीठ, इस नवरात्रि के मौके पर करें दर्शन
देवी पाटन मंदिर
बलरामपुर जिले में माता का एक शक्तिपीठ है जिसकी काफी मान्यताएं हैं- इसे देवी पाटन शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार यहां पर मां सती का बायां स्कंध गिरा था। इस शक्तिपीठ में मां मातेश्वरी के रूप में विराजमान हैं। नवरात्रि के दिनों में यहां काफी भीड़ होती है। आप तुलसीपुर रेलवे स्टेशन से यहां आसानी से पहुंच सकते हैं।
रामगिरी शक्तिपीठ
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में स्थित रामगिरी शक्तिपीठ भी काफी प्रसिद्ध है। यहां माता सती का दायां स्तन गिरा था। इस स्थान पर माता शिवानी के रूप में विराजनीय हैं। रामगिरि पर्वत पर स्थित है, आप 'चित्रकूटधाम कर्वी' रेलवे स्टेशन से यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। पर्यटन की दृष्टि से ये अति महत्त्वपूर्ण स्थल रहा है, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रृद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
विंध्याचल शक्तिपीठ
विंध्याचल शक्तिपीठ में मां विंध्यवासिनी के रूप में विराजित हैं, ये मिर्जापुर जिल में स्थित है। पौराणिक मान्यताएं कहती है कि शक्तिपीठ वह स्थान है जहां सती के अंग गिरे थे लेकिन विंध्याचल में शरीर का कोई अंग नहीं गिरा था। यहां देवी सशरीर वास करती हैं, माना जाता है कि उन्होंने यह स्थान अपने रहने के लिए चुना था। मंदिर के पास में तीन देवियों के मंदिर हैं जिनके दर्शन करके आप पुण्यार्जित कर सकते हैं।
मणिकर्णिका घाट
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित ये शक्तिपीठ काफी अलौकिक और मान्यताओं वाली है, यहां माता सती की मणिकर्णिका गिरी थी। यहां माता के विशालाक्षी और मणिकर्णी स्वरूप की पूजा होती है। मणिकर्णिका घाट को मु्क्तिधाम माना जाता है, जहां पर अंतिम संस्कार होनेसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है। वाराणसी रेलवे स्टेशन के थोड़ी दूरी पर स्थित इस मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं।